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Gurugram News: जलभराव रोकने के लिए नया लेग-4 ड्रेन तैयार

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मानसून से पहले जीएमडीए ने पूरी की मास्टर ड्रेनों की सफाई
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने शहर के प्रमुख स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया है। जीएमडीए ने लेग-1, लेग-2 और बादशाहपुर ड्रेन (लेग-3) से गाद, मलबा और अन्य अवरोध हटाकर जल निकासी क्षमता बहाल कर दी है।
इसके साथ ही एनएच-48, द्वारका एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नया लेग-4 आरसीसी बॉक्स ड्रेन भी तैयार किया गया है। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि मास्टर ड्रेनों की सफाई से बारिश के पानी की निकासी अधिक सुचारू होगी। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। सीईओ ने बताया कि 12.36 किलोमीटर लंबे लेग-1 ड्रेन की क्षमता 541 क्यूसेक है, जोकि सिकंदरपुर, साइबर हब, डीएलएफ फेज-1, 2 और 3, उद्योग विहार, सेक्टर-18, 19, 22, 23, पालम विहार सहित कई क्षेत्रों का वर्षा जल नजफगढ़ ड्रेन तक पहुंचाता है। वहीं 16.3 किलोमीटर लंबे लेग-2 ड्रेन की क्षमता 1305 क्यूसेक है, जो सेक्टर-27, 29, 41, एनएच-48, अतुल कटारिया चौक, अशोक विहार, राजेंद्र पार्क और आसपास के क्षेत्रों की जल निकासी व्यवस्था संभालता है।
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शहर के सबसे बड़े ड्रेनों में शामिल 26 किलोमीटर लंबे बादशाहपुर ड्रेन (लेग-3) की क्षमता 3800 क्यूसेक है। यह घाटा गांव, एसपीआर कॉरिडोर, वाटिका चौक, हीरो होंडा चौक, सेक्टर-37डी, धनकोट और पटौदी रोड क्षेत्र से वर्षा जल को नजफगढ़ ड्रेन तक पहुंचाता है। जीएमडीए ने इसकी भी पूरी तरह सफाई कर दी है।
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सीईओ के अनुसार एनएच-48 पर पूर्व में हुए जलभराव के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए जीएमडीए ने वाटिका चौक से द्वारका एक्सप्रेसवे के निकट रामप्रस्थ सोसाइटी तक 4.6 किलोमीटर लंबा लेग-4 आरसीसी बॉक्स ड्रेन तैयार किया है। यह ड्रेन सेक्टर-68 से 80 तक के क्षेत्रों को राहत देगा। बारिश के पानी को तेजी से लेग-3 तक पहुंचाएगा। इससे एनएच-48 की ओर पानी के बहाव को कम करने में मदद मिलेगी। जीएमडीए ने अरावली क्षेत्र से आने वाले वर्षा जल को नियंत्रित करने के लिए प्राकृतिक नालों का पुनर्स्थापन किया है तथा कई स्थानों पर चेक डैम भी बनाए हैं। इससे रिहायशी इलाकों में बाढ़ की आशंका कम होगी और भूजल स्तर को रिचार्ज करने में सहायता मिलेगी। इसके अलावा सड़क किनारे नालों की सफाई, अतिरिक्त रोड गलियों का निर्माण, पंप सेट, जेनसेट, जेसीबी और पोकलेन मशीनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है।
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