पत्र लिखकर यूजीसी रेगुलेशन 2018 को मूल भावना के अनुरूप लागू करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ) ने दिल्ली विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद और अकादमिक परिषद को खुला पत्र लिखकर शिक्षकों की पदोन्नति और नियुक्ति प्रकिया में आ रही बाधाओं पर चिंता जताई है। साथ ही यूजीसी रेगुलेशन 2018 को उसकी मूल भावना के अनुरूप लागू करने की मांग की है।
एनडीटीएफ के अध्यक्ष डॉ. एके भागी द्वारा लिखे पत्र के अनुसार पदोन्नति के दौरान कुछ शोध पत्रिकाओं को अनुचित रूप से खारिज किए जाने से योग्य शिक्षकों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है। इससे पदोन्नतियों में देरी और शिक्षकों की गरिमा प्रभावित हो रही है। संगठन ने शिक्षकों के अधिकारों के लिए पिछले छह दशकों में हुए आंदोलनों और संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि यूजीसी 2018 विनियमों ने पदोन्नति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया था। इसके तहत दिल्ली विश्वविद्यालय में हजारों शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ मिला।