पश्चिमी धुन में रमने वाले युवाओं के लिए शहर के ऋषि शर्मा एक बड़ा उदाहरण बने हैं। इस दौर में जब युवा बॉलीवुड को अपना आदर्श मान रहे हैं, हर घर में जब पॉप बज रहा है, वहीं ऋषि ने शास्त्रीय गायन को अपनी साधना बना ली है। इसी साधना में तल्लीन ऋषि जिले के साथ ही राज्य व राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। इसके अलावा राज्य स्तरीय संगीत गोष्ठी में अपनी प्रस्तुती दे चुके हैं। वह देहरादून में भारत रत्न पं. भीम सेन जोशी की स्मृति में आयोजित समारोह में सम्मानित किये जा चुके हैं। ऋषि द्रोणाचार्य कॉलेज में अंग्रेजी ऑनर्स के छात्र हैं।
अभावों में रह कर बनी फुटबॉलर
आर्थिक रूप से कमजोर होने के बाद भी शहर के चोमा विलेज में रहने वाली अंजलि ने अपने परिवार के साथ ही शहर का नाम रोशन किया है। अंजलि कर्नल पब्लिक स्कूल में 11वीं की छात्रा हैं। अंजलि राज्य के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी खेल चुकी हैं। हरियाणा टीम के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली अंजलि एक गरीब परिवार की बेटी हैं। पिता लेबर हैं, ऐसे में अपने सपनों को पूरा करना इनके लिए चुनौती था लेकिन चोमा ईगल संस्था का सहयोग मिलने से अंजलि के सपनों को उड़ान मिली और आज वह एक फुटबॉलर बन चुकी हैं।