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राष्ट्रीय युवा दिवस: अभावों में रहकर बनी फुटबॉलर, शास्त्रीय संगीत और मॉडलिंग में रोशन किया नाम

Tue, 12 Jan 2021 11:26 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
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सिद्धि, अंजलि और ऋषि - फोटो : अमर उजाला
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समाज को बदलने और राष्ट्र की तरक्की में युवा भागीदारी सबसे ज्यादा जरूरी होती है। संगीत हो या खेल का मैदान, वह हर जगह फतह कर रहे हैं। आज राष्ट्रीय युवा दिवस पर हम गुरुग्राम के कुछ ऐसे सितारों की बात करेंगे जो संगीत, खेल व फैशन जगत में नाम रोशन कर रहे हैं।

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ख्वाब को हकीकत बनाने की कोशिश
सेक्टर-15 निवासी सिद्धी सिधमुख मॉडलिंग की दुनिया का चमकता सितारा हैं। यह मिस नॉर्थ इंडिया प्रिंसेस का खिताब जीत चुकी हैं। इसके साथ ही फेमिना मिस इंडिया हरियाणा में टॉप फ़ोर फाइनलिस्ट और कैंपस प्रिंसेस फेमिना मिस इंडिया ऑर्गेनाइजेशन फाइनलिस्ट रही हैं। इसके साथ ही सिद्धी ने ढाका रिडीम टंडन शांतनु और निखिल सहित प्रसिद्ध डिजाइनरों के लिए मॉडलिंग की है।

इन्होंने हाल ही में इंडिया लग्जरी फाउंडेशन के साथ काम किया है। सिद्धी को इनके कैलेंडर में चित्रित किया गया है। सिद्धी ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र ऑनर्स में टॉप किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय की रैंक होल्डर रही हैं। इन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से प्रथम श्रेणी में अर्थशास्त्र में मास्टर्स किया है। वह कहती हैं कि शिक्षा मानवता की नींव है और सभ्य समाज की आवश्यकता। मेरी प्रेरणा और रोल मॉडल मेरी मां शील कुमारी हैं। वह ब्लॉक एजुकेशन अफसर (गुरुग्राम) हैं।
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शास्त्रीय संगीत में नाम कर रहे रोशन 

पश्चिमी धुन में रमने वाले युवाओं के लिए शहर के ऋषि शर्मा एक बड़ा उदाहरण बने हैं। इस दौर में जब युवा बॉलीवुड को अपना आदर्श मान रहे हैं, हर घर में जब पॉप बज रहा है, वहीं ऋषि ने शास्त्रीय गायन को अपनी साधना बना ली है। इसी साधना में तल्लीन ऋषि जिले के साथ ही राज्य व राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। इसके अलावा राज्य स्तरीय संगीत गोष्ठी में अपनी प्रस्तुती दे चुके हैं। वह देहरादून में भारत रत्न पं. भीम सेन जोशी की स्मृति में आयोजित समारोह में सम्मानित किये जा चुके हैं। ऋषि द्रोणाचार्य कॉलेज में अंग्रेजी ऑनर्स के छात्र हैं। 

अभावों में रह कर बनी फुटबॉलर
आर्थिक रूप से कमजोर होने के बाद भी शहर के चोमा विलेज में रहने वाली अंजलि ने अपने परिवार के साथ ही शहर का नाम रोशन किया है। अंजलि कर्नल पब्लिक स्कूल में 11वीं की छात्रा हैं। अंजलि राज्य के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी खेल चुकी हैं। हरियाणा टीम के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली अंजलि एक गरीब परिवार की बेटी हैं। पिता लेबर हैं, ऐसे में अपने सपनों को पूरा करना इनके लिए चुनौती था लेकिन चोमा ईगल संस्था का सहयोग मिलने से अंजलि के सपनों को उड़ान मिली और आज वह एक फुटबॉलर बन चुकी हैं।
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