नूंह। भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर और बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है। उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि 16 मार्च 2026 से शुरू हुआ यह अभियान 15 जून तक जारी रहेगा।
इसके तहत देशभर में परिवारों, मंदिरों और संस्थाओं में सुरक्षित पांडुलिपियों, ताड़पत्रों और दुर्लभ अभिलेखों को ‘ज्ञान भारतम् ऐप’ के माध्यम से जियो-टैग कर डिजिटल रूप से संरक्षित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियों को प्राथमिकता दी जाएगी। आधुनिक तकनीक से डिजिटलीकरण कर इन्हें राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में सुरक्षित रखा जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि अभियान के दौरान पांडुलिपि धारकों के स्वामित्व अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपनी प्राचीन पांडुलिपियों की जानकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से साझा करने की अपील की। संवाद