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Gurugram News: नमो भारत से गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा कॉरिडोर पर कम होंगे 37% वाहन

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-एनसीआरटीसी ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत रेल का डीपीआर किया तैयार
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मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत से सड़कों से करीब 37 फीसदी वाहनों के कम होने की उम्मीद है। इससे चारों शहरों की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। इससे लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर के लिए यातायात मॉडल का सर्वे कराया है। रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा स्थिति में कार और टू-व्हीलर पैसेंजर ट्रैफिक का कुल हिस्सा का 77 फीसदी है। जबकि बस और ऑटो का हिस्सा 13% और मेट्रो का 10% है। प्रस्तावित वर्ष 2031 (नमो भारत कॉरिडोर के साथ) के लिए यातायात मॉडल बदल जाएगा। इसमें कार और टू-व्हीलर का संयुक्त हिस्सा 77% से घटकर 51.9% हो जाएगा। बस और ऑटो का संयुक्त हिस्सा 13% से घटकर 7.5% और मेट्रो का हिस्सा 3.6% होगा। नमो भारत (आरआरटीएस) को 37% यात्रियों का शेयर मिलेगा। इससे पता चलता है कि कॉरिडोर के साथ नमो भारत सिस्टम लागू होने पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के हिस्से में काफी वृद्धि होगी। कुल पब्लिक ट्रांसपोर्ट का हिस्सा 22.9% से बढ़कर 48.2% हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग के पूर्व अभियंता सीआर विश्नोई ने बताया कि नमो भारत से पब्लिक ट्रांसपोर्ट में बढ़ावा मिलेगा। इससे दिल्ली और गुरुग्राम में जनसंख्या का भार भी कम होगा।
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गुरुग्राम-फरीदाबाद के बीच 40% ट्रिप
सर्वे से यह अनुमान लगाया गया है कि कुल ट्रांसपोर्ट डिमांड एक दिन में 8.48 लाख पैसेंजर ट्रिप है। इसमें से 77% कार/टू-व्हीलर ट्रैफिक है, 13% ट्रैफिक बस से होता है, जबकि मेट्रो कुल ट्रिप का 10% पूरा करती है। सबसे ज्यादा ट्रिप गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच देखी गईं, जो स्टडी एरिया में कुल ट्रिप का लगभग 40% है। इसके बाद ज्यादातर ट्रिप नोएडा और फरीदाबाद के बीच देखी गईं, जो कुल ट्रैफिक डिमांड में 12% हिस्सेदारी रखती हैं।

74.78 हेक्टेयर जमीन की होगी जरूरत
प्रोजेक्ट के लिए स्टेशनों और डिपो वगैरह के लिए कुल 74.78 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। इसमें 33.70 हेक्टेयर सरकारी जमीन और 41.08 हेक्टेयर निजी जमीन है। कास्टिंग यार्ड और बैचिंग प्लांट के लिए लगभग 20 हेक्टेयर अस्थायी जमीन की जरूरत होगी। गुरुग्राम में सरकारी 5.33 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। जबकि निजी की 2.31 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी।
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1255 लोग होंगे प्रभावित

इफको चौक और सूरजपुर ग्रेटर नोएडा के बीच सेक्शन की कुल लंबाई 60.765 किमी है, जिसमें सभी 6 एलिवेटेड स्टेशन और डिपो रिवाजपुर और सूरजपुर में प्रस्तावित हैं। पूरे कॉरिडोर में 299 स्ट्रक्चर प्रभावित होने की संभावना है, जिनमें से 210 रिहायशी, 57 कमर्शियल, 19 रिहायशी सह कमर्शियल और 13 अन्य स्ट्रक्चर हैं। इफको चौक पर 16 दुकानें आ रही हैं। मई-जून और सितंबर 2025 में सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण किया गया है। कॉरिडोर से 286 परिवार समेत 1255 लोग प्रभावित होने की संभावना है।
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