दो घंटे में सीवर समस्या का होगा समाधान, निविदा संबंधी प्रक्रिया पूरी
अगले सप्ताह काम का आवंटन, ओवरफ्लो और ब्लाकेज खोलने में होगा इस्तेमाल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम को जल्द ही आठ सुपर सकर मशीनें मिल जाएंगी। इन मशीनों को हायर करने के लिए निविदा संबंधी प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। अगले सप्ताह कार्य आवंटन कर दिया जाएगा। इन मशीनों का उपयोग सीवर ओवरफ्लो और सीवर के ब्लाक होने की समस्या के समाधान के लिए किया जाएगा। योजना है कि शिकायत मिलने के दो घंटे के अंदर उसका समाधान कर दिया जाए।
नगर निगम क्षेत्र में सीवर के ओवरफ्लो या जाम की शिकायतें आती हैं। पहले इस तरह की समस्या के समाधान के लिए एजेंसियों को काम दिया जाता था। देखा गया कि एजेंसियों के पास पर्याप्त मशीनें नहीं होती थीं। इससे शिकायत का समाधान नहीं होता था और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। देखा गया कि ऐसी एजेंसियां भी टेंडर में हिस्सा लिया करती थीं जिनके पास न कोई अनुभव होता था और न संसाधन होते थे। इस वर्ष नगर निगम ने इसमें बदलाव किया।
अब टेंडर आमंत्रित करते समय मशीनरी का मालिकाना हक संबंधी शर्तें शामिल कर दी। शर्त के अनुसार टेंडर में भागीदारी करने वाली एजेंसी को मशीनरी के मालिकाना हक संबंधी दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य किया गया। नतीजा यह निकला कि उन्हीं एजेंसियों ने अपनी भागीदारी की, जिनके पास स्वयं की मशीनरी है।
नगर निगम के मुताबिक सीवरेज के ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस का काम सभी वार्डों में तेज गति से चल रहा है। नगर निगम द्वारा पूर्व में सभी आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों व शहर के गणमान्य व्यक्तियों से आह्वान भी किया था कि वे उनके क्षेत्रों में चल रहे कामों की निगरानी करें। अगर कोई एजेंसी अपना काम सही तरीके से नहीं करती है, तो उसके बारे में क्षेत्र के जेई को सूचित करें। नगर निगम ने साफ किया है कि सीवरेज व ड्रेनेज सफाई के काम की अदायगी एजेंसी को तभी की जाएगी, जब संबंधित क्षेत्र की आरडब्ल्यूए के तीन सदस्य अपना संतुष्टि-पत्र देंगे। अदायगी के लिए बिल प्रस्तुत करते समय पहले व बाद के फोटोग्राफ भी साथ में देना अनिवार्य किया गया है।
आने वाले समय में नगर निगम स्वयं के स्तर पर सुपर सकर मशीनों की खरीदने का काम कर रहा है। विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए नागरिक भागीदारी को बढ़ावा भी निगम द्वारा दिया जा रहा है, ताकि विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे कार्यों पर नागरिकों की निगरानी रहे।- पीसी मीणा, आयुक्त, नगर निगम