संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने परिवहन निगम की कार्यशाला में गंदा पानी जमा होने और उसमें मच्छरों के लार्वा मिलने पर कड़ा रुख अपनाया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को कार्यशाला का निरीक्षण किया, जिसमें पानी की टंकी, हौद, टायर और सीमेंट की नालियों में मच्छरों का सक्रिय लार्वा पाया गया।
इस पर विभाग ने कार्यशाला परिसर से एक सप्ताह के भीतर गंदे पानी को हटाने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. विकास स्वामी ने बताया कि लापरवाही के चलते कार्यशाला परिसर में मलेरिया और डेंगू फैलने का खतरा बना हुआ है। विभाग ने इस संबंध में कार्यशाला के जनरल मैनेजर को अवगत किया। यदि एक सप्ताह बाद दोबारा निरीक्षण में लार्वा मिला, तो वेक्टर बॉर्न डिजीज (वीबीडी) के तहत चालान किया जाएगा। इसके साथ ही विभाग ने कार्यशाला के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों को मलेरिया से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए पुस्तिकाएं वितरित कीं और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की।