गुरुग्राम। मिनी अस्पतालों में तब्दील की गई रोडवेज बसों का आगामी आदेशों तक जिले के बेहरामपुर स्थित एचआरईसी में ही रखरखाव किया जाएगा। क्योंकि कोरोना महामारी की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए इन बसों को वापस गुरुग्राम डिपो भेजने को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इन बसों को मिनी अस्पताल के तौर पर ही रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर राज्य के किसी भी क्षेत्र में ये भेजी जा सकती हैं।
कोरोना महामारी की दूसरी लहर में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अस्पतालों में बेड व एंबुलेंस की कमी होने के कारण प्रदेश सरकार ने रोडवेज बसों को मिनी अस्पतालों में तब्दील करके सभी जिलों के स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के आदेश जारी किए थे। गुरुग्राम बस डिपो से 25 रोडवेज बसों को जिले के बेहरामपुर स्थित एचआरईसी में मिनी अस्पतालों में तब्दील किया गया था। जिनमें 6-6 बेड, डॉक्टर व स्टाफ के बैठने के लिए व्यवस्था, एसी, बिजली की वायरिंग सहित मेडिकल संबंधित अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। लेकिन कोरोना संक्रमण के मामले घटने से काफी बसें कहीं नहीं भेजी गईं। 25 बसों में से 2 बसें रेवाड़ी, एक बस पलवल और एक बस सोनीपत भेजी गई थी। सोनीपत से बस को वापस एचआरईसी भेजा जा चुका है। वर्तमान में यहां 22 बसें खड़ी हैं।
वर्जन-
रोडवेज बसों का एचआरईसी में रखरखाव किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए ही इन बसों को इसी स्थिति में रखा जा रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से जब भी आदेश आएंगे, वैसे ही इनसे बेड हटाकर सीटें लगाई जाएंगी और इनको गुरुग्राम बस डिपो वापस भिजवा दिया जाएगा। - राजीव नागपाल, महाप्रबंधक, एचआरईसी बेहरामपुर, गुरुग्राम