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Gurugram News: बाजरा की फसल, 20 दिन बाद भी नहीं खरीदा गया एक दाना

Thu, 16 Oct 2025 10:55 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
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एजेंसियां क्वालिटी का बहाना बनाकर लौटा रहीं फसलें, मंडी में 1800 से 1900 रुपये क्विंटल बिक रहा बाजरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। हरियाणा में बाजरा खरीद का सीजन बीस दिन पहले शुरू हो चुका है, लेकिन नूंह जिले में अब तक एक भी दाना सरकारी एजेंसी द्वारा नहीं खरीदा गया। किसानों की फसल मंडियों में पहुंच चुकी है, मगर एजेंसियां क्वालिटी खराब होने का हवाला देकर बाजरा खरीदने से इनकार कर रही हैं। इससे किसानों में भारी मायूसी और गुस्सा है।
किसानों का कहना है कि सरकार ने केवल दिखावे के लिए खरीद शुरू करने की घोषणा की, जबकि जमीन पर न पोर्टल सही चल रहे हैं, न एजेंसियां फसल लेने को तैयार हैं। मंडियों में भार और नमी की जांच के नाम पर किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है और आखिर में उनकी फसल अनफिट बताकर लौटा दी जाती है।
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मंडियों में 1800 से 1900 रुपये में बिक रहा बाजरा

सरकार ने बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। मंडी में किसानों को 1700 से 1900 रुपये में अपनी उपज बेचनी पड़ रही है। मजबूर होकर कई किसान अपनी फसल आढ़तियों को औने-पौने दामों में बेच रहे हैं ताकि खेत खाली कर अगली फसल की तैयारी कर सकें। सरकार भावंतर भरपाई के केवल 575 रुपये देगी वो भी उसी किसान को जिसका गेटपास कटेगा।

विधायक ने सरकार पर बोला हमला

नूंह के विधायक चौधरी आफताब अहमद ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि किसान आज सड़कों पर परेशान है, लेकिन सरकार मौन है। टोकन जारी नहीं हो रहे, एजेंसियां खरीद से मुंह मोड़ रही हैं। यह साबित करता है कि मौजूदा सरकार पूरी तरह किसान विरोधी और कागज़ी योजनाओं वाली सरकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द खरीद शुरू नहीं हुई तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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कृषि विभाग और खरीद एजेंसियों के अधिकारी इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे। उनका कहना है कि बाजरा तय मापदंड पर खरा नहीं उतर रहा। इसलिए खरीद नहीं कि जा रही।
जमील अहमद, मैनेजर खरीद एजेंसी
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