कई सोसाइटियों तक मेट्रो का विस्तार नहीं, फीडर बसें चले तो हो सकती है लोगों के लिए थोड़ी आसानी
पूनम
गुरुग्राम। न्यू गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन के रूप में सर्वाधिक जरूरत मेट्रो सेवाओं की है। पिछले दिनों मेट्रो के विस्तार के लिए जिस योजना पर अमल की तैयारी शुरू हुई है वह न्यू गुरुग्राम के लिए वैसी ही है, जैसी पिछले दस साल से गुरुग्राम में दिल्ली मेट्रो की रही है। दिल्ली मेट्रो दिल्ली से गुरुग्राम पहुंचाती तो थी मगर गुरुग्राम के अधिसंख्य हिस्सों से नहीं जुड़ी थी। न्यू गुरुग्राम में सेक्टर 58 से 115 के बीच मेट्रो की योजना के तहत सेक्टर 37, सेक्टर 102 से 104 और सेक्टर 110, 111 ही मेट्रो की कनेक्टिविटी के करीब होंगे। वहां भी अगर मेट्रो स्टेशनों से फीडर बसें शुरू हों या मेट्रो स्टेशनों के पास पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था हो।
नए गुरुग्राम का जिस तरह विस्तार हुआ है उसमें मेट्रो की गति इतनी धीमी है कि 15 साल में नए विस्तार का भूमि पूजन हो पाया है। अभी जमीन अधिग्रहण, मेट्रो निर्माण के लिए सेवाओं के विस्थापन से लेकर मृदा परीक्षण आदि में समय लगेगा। विशेषज्ञों के अनुसार वर्ष 2027 तक पहले फेज को शुरू करने की बात है मगर मिट्टी का परीक्षण, परिवहन की वैकल्पिक व्यवस्था, बिजली की लाइन, गैस लाइन आदि सेवाओं के विस्थापन में समय लगेगा। नवंबर-दिसंबर में ग्रेप लागू होंगे ऐसे में इस साल मेट्रो पिलर बनाने की उम्मीद नहीं हैं दूसरी ओर मेट्रो का विस्तार अगर एक फेज पूरा होने के बाद दूसरे फेज में शुरू हुआ तो नए गुरुग्राम के कुछ हिस्से जो मेट्रो के करीब हैं उनमें 15 साल और लग जाएंगे। ऐसे में विस्तृत हो चुके शहर को परिवहन की सुगम सुविधा और जाम से मुक्ति के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
शहर के लिए 15 साल बाद मेट्रो की योजना शुरू हुई है मगर अभी तक केवल सेक्टर नौ तक में स्वाइल टेस्टिंग हुई है। जब तक मिट्टी का परीक्षण पूरा नहीं होगा निर्माण शुरू नहीं हो पाएगा। इसके बाद ग्रेप लग जाएगा। दूसरी ओर रेजांगला के पास मेट्रो के रूट परिवर्तन की फाइल शहरी विकास मंत्रालय के पास फाइल दो साल से अटकी हुई है। इन हालात में 2027 से पहले मेट्रो निर्माण की शुरुआत नहीं हो पाएगी। मेट्रो के साथ पार्किंग की योजना हो तभी एनएच आठ का ट्रैफिक जाम कम हो पाएगा।
- प्रखर सहाय, डीएक्सपी डेवलपमेंट एसोसिएशन
द्वारका एक्सप्रेसवे के निवासियों को सबसे ज्यादा जरूरत मेट्रो सेवाओं की है। कम से कम मिलेनियम सिटी मेट्रो स्टेशन, यशोभूमि और द्वारका सेक्टर 21 से भी यह इलाका जुड़ जाए तो बहुत आसानी होगी। मेट्रो अपनी फीडर बसों से सोसाइटियों को जोड़ दे तो न जाम लगेगा न परेशानी होगी। मेट्रो और फीडर बसों को भी काफी व्यावसायिक लाभ मिलेगा।
- सांच चौधरी, रहेजा अर्थवा, सेक्टर-109
द्वारका एक्सप्रेसवे पर स्थित सेक्टर 108, 110 की सोसाइटियों के लोगों के लिए नजदीकी मेट्रो स्टेशन यशो भूमि है मगर हरियाणा के ऑटो वालों को वहां पहुंचाने की इजाजत नहीं है जबकि दिल्ली से ऑटो वहां से आ सकते हैं। दिल्ली एनसीआर में ऐसे नियम लोगों को कठिनाई पहुंचाने के लिए बने हैं। अगर आपको ड्राइविंग नहीं आती, आपके पास अपनी गाड़ी नहीं है तो द्वारका एक्सप्रेसवे पर रहना कठिन है। यहां कैब भी बमुश्किल मिलती है।
- उर्वी शुक्ल सिंह, रहेजा वेदांता, सेक्टर-108
मानेसर और एसपीआर के इलाके में बसीं न्यू गुरुग्राम की करीब 80 सोसाइटियों के लिए तो मेट्रो के विस्तार में भी कोई प्रबंधन नहीं है। एसी सार्वजनिक बसों की बहुत कमी है। मेट्रो का मानेसर तक विस्तृत किया जाना चाहिए। नए गुरुग्राम में राइजिंग होम 92 वाया 91 रामपुरा रोड से राजीव चौक तक बसें हैं मगर अभी नए रूटों पर बसों की जरूरत है।
- प्रवीण मलिक, अध्यक्ष न्यू गुरुग्राम आरडब्ल्यूए एसोसिएशन
फैक्ट फाइल
- गुरुग्राम में पहली बार पांच स्टेशनों के साथ 21 जून 2010 में मेट्रो सेवा शुरू हुई। इसमें दिल्ली से गुरुग्राम की कनेक्टिविटी हुई।
- रैपिड मेट्रो की सिंगल लाइन फीडर सेवा डीएलएफ और दिल्ली मेट्रो के सहयोग से येलो लाइन सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन से शुरू हुई। 14 नवंबर 2013 डीएलएफ फेज-2, बेलवेडर टावर और मौलश्री एवेन्यू के तीन मेट्रो स्टेशनों से शुरू हुई। इसके बाद 7 मई 2014 को साइबर सिटी 31 मार्च 2017 को डीएलएफ फेज-1, सेक्टर-54, 56 और 25 अप्रैल 2017 को सेक्टर 42-43 और सेक्टर 53- 54 के मेट्रो स्टेशन शुरू हुए।
- रैपिड मेट्रो के कुल 11 स्टेशन और 11.7 किमी की दूरी यह तय करती है।
- फरवरी 2023 में रेवाड़ी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुग्राम मेट्रो के विस्तार का फाउंडेशन रखा था।
- 5 सितंबर 2025 को मिलेनियम सिटी से बसई तक 15.3 किमी के पहले फेज की शुरुआत के लिए भूमि पूजन किया गया। सेक्टर-33 में मेट्रो का डिपो जोड़ा जाएगा। इसके 14 मेट्रो स्टेशन होंगे।
- गुरुग्राम में विस्तार के तहत मेट्रो 33.5 किमी की है जो दो चरणों में पूरी होनी है।
- बसई चौक तक जून 2024 में 130 प्वाइंट पर मिट्टी का परीक्षण किया गया है। आगे के मिट्टी परीक्षण के लिए 90 दिनों का समय मिला है।
- मेट्रो की योजनाओं में सेक्टर-101 से 104, सेक्टर-37 सी, डी, सेक्टर 110, 110ए 111 के पास से मेट्रो जा रही है।
- नए गुरुग्राम में जिन जगहों पर मेट्रो लाइन है, वहां की सेवाओं, बिजली की लाइन, गैस की लाइन शिफ्ट किए जाने, वैकल्पिक रूट अंडरपास और पार्किंग आदि में समय लगेगा।
- मेट्रो की राह में भूमि अधिग्रहण और विवादित जमीनें जैसे मुद्दे भी उठेंगे।
- मेट्रो सेवाओं से करीब पांच लाख आबादी और 250 सोसाइटियों को फायदा मिलेगा, अगर मेट्रो फीडर बसें और पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराता है।