यूपी और हरियाण के अधिकारियों ने लिया हिस्सा, कब्जा करने वालों पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। हरियाणा व यूपी में यमुना नदी पर लंबे समय से दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच चले आ रहे भूमि विवाद को खत्म करने के लिए बृहस्पतिवार को दोनों राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लघु सचिवालय के सभागार में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विवाद को सुलझाने के लिए हरियाणा के तीन व यूपी के दो गांवों में हुई पैमाईश के बाद वहां पिलर व बंदोबस्त कार्य को गति देने पर सहमति बनी। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम होडल बेलिना लोहान ने की। वहीं, यूपी की ओर से अलीगढ के खैर क्षेत्र के एसडीएम महिमा ने बैठक का नेेेतृत्व किया।
एसडीएम लोहान ने कहा कि दीक्षित अवार्ड के तहत जो भूमि हरियाणा से यूपी व यूपी से हरियाणा में हस्तांतरित हुई, उस पर पिलर लगवाने का कार्य हरियाणा की सीमा में शुरू हो गया। सीमा विवाद के स्थान पर तारबंदी होने के बाद किसानों को रिकाॅर्ड के मुताबिक वहां पर कब्जा दिलाया जाएगा। प्रथम चरण में क्षेत्र के गांव वली मोहम्मदपुर, मुर्तजाबाद, फाटस्कोनगर तथा यूपी के गांव शेरपुर का बंदोबस्त किया जा रहा। एसडीएम ने कहा कि रिकाॅर्ड के अनुसार ही हरियााा व यूपी के किसानों में भूमि का आवंटन किया जाएगा। बैठक में हरियाणा व यूपीके गांवों का रिकार्ड का आदान-प्रदान भी किया गया। इस दौरान अलीगढ़ एसडीएम महिमा सहित दोनों ही राज्यों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यमुना नदी पर किसी भी प्रकार का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन किसानों ने जमीनों पर कब्जा किया हुआ है, वह उन्हें खाली कर दें अन्यथा ऐसे किसानों की सूची बना कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान दोनों राज्यों के अधिकारियों ने गांव माहौली, फाटस्कोनगर, धारागढी, गिरधरपुर, घरबरा, काशीपुर सहित कई गांवों के किसानों की समस्याएं भी सुनी। इससे पहले हरियाणा व यूपी के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक अलीगढ़ में हो चुकी है ।