- भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर में जमकर हुआ हंगामा
- मंदिर में घुसे सैकड़ों लोग, दानपात्र से निकाले पैसे
- इनेलो नेता पर आरोप, पुलिस के सामने हुई हाथापाई
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। क्षेत्र के गांव शेखसाई स्थित भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर में रविवार को जमकर हंगामा हुआ। मंदिर के पुजारियों ने आरोप लगाया है कि इनेलो नेता अजीत बॉबी के नेतृत्व में गांव बांसवा के सैकड़ों लोग मंदिर में जबरन घुसे। इन लोगों ने मंदिर हॉल में रखे दानपात्र का ताला तोड़कर चंदे की राशि निकाल ली और इसका विरोध करने पर पुजारियों व सेवारत महिलाओं के साथ मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही होडल थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल और हसनपुर थाना प्रभारी दिनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान दोनों थानों के प्रभारी बीच-बचाव कर ग्रामीणों को शांत करते रहे। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
भंडारा करने के बहाने से आए आरोपी
पुजारियों ने बताया कि कुछ महीने पहले भी गांव बांसवा के लोगों ने मंदिर पर कब्जा करने का प्रयास किया था, जिसे जिला प्रशासन ने विफल कर दिया था। रविवार को दोबारा साजिश के तहत भंडारे का बहाना बनाकर इनेलो नेता अजीत बॉबी पांच सौ से अधिक लोगों के साथ मंदिर परिसर में पहुंचे और दानपात्र से पैसे निकाल लिए। पुजारी हरिराम, सुनील कुमार, रामेश्वर सहित अन्य ने बताया कि यह मंदिर साढ़े सात सौ वर्षों से पूजा-अर्चना का केंद्र रहा है। गांव बांसवा के कुछ लोग इस मंदिर पर कब्जा करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि जब मंदिर के दूसरे दानपात्र को खोलने की कोशिश की गई, तो सेवारत महिलाओं ने विरोध किया। इस पर पुजारियों और महिलाओं के साथ मारपीट की गई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। मारपीट की घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन हमलावर नहीं रुके और महिलाओं को भी पीटा गया।
परीक्षा के कारण नहीं मिला पुलिस बल
मारपीट का सिलसिला करीब दो घंटे तक चलता रहा। इस दौरान पुलिस लगातार कंट्रोल रूम से अतिरिक्त बल की मांग करती रही, लेकिन सीईटी परीक्षा के कारण पुलिस फोर्स उपलब्ध नहीं हो सकी। बाद में डीएसपी विवेक चौधरी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुजारियों ने बताया कि मार्च में जब मंदिर पर कब्जे की कोशिश हुई थी, तब तत्कालीन पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन और उपायुक्त डॉ. हरिश कुमार वशिष्ठ ने हस्तक्षेप कर कब्जे को रोका था और केस दर्ज कराया था। लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। हसनपुर थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुटी है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद केस दर्ज किया जाएगा। खबर लिखे जाने तक गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।