पाम हिल्स, विंटर हिल्स और टीआरएल के हजारों परिवार 12 घंटे बिजली नहीं आने से हुए परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-77 स्थित पाम हिल्स, उमंग विंटर हिल्स और टीआरएल सोसाइटियों में शनिवार रात से रविवार सुबह तक 12 घंटे से अधिक समय तक बिजली ठप रहने से हजारों परिवारों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हुई। पाम हिल्स आरडब्ल्यूए महासचिव भव्या रेलिया के अनुसार, निवासियों को निर्बाध बिजली देने के लिए इन सोसाइटियों ने करोड़ों की लागत से 33 केवी स्विचिंग स्टेशन बनाकर सप्लाई सेक्टर-72 के 220 केवी सब-स्टेशन से जुड़वाई थी।
निवासियों का आरोप है कि डीएचबीवीएन के स्थानीय अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर इसी फीडर से करीब 10 अन्य बिल्डरों को भी कनेक्शन दे दिए। इस ओवरलोडिंग के कारण फीडर पर बार-बार फॉल्ट हो रहे हैं, जिससे आए दिन घंटों ब्लैकआउट की स्थिति बनी रहती है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार रात 8 बजे से बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी और सुबह 07:10 बजे तक बहाल हुई। यह सिर्फ एक उदाहरण है। प्रतिदिन 8 से 10 घंटे बिजली गुल रहती है, जिसके कारण निवासियों को जनरेटर के सहारे बिजली आपूर्ति करनी पड़ रही है और लाखों रुपये डीजल पर खर्च करने पड़ रहे हैं।
विंटर हिल्स के आरडब्लयूए अध्यक्ष रजनीश सचदेवा ने बताया कि बिजली निगम के स्थानीय अधिकारी इस फीडर को इंडिपेंडेंट फीडर बताते हैं, जबकि दूसरी ओर उसी फीडर से अनेक अतिरिक्त कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। इसका खामियाजा केवल पाम हिल्स, विंटर हिल्स और टीआरएल सोसाइटी के हजारों निवासी भुगत रहे हैं।
निवासियों ने हरियाणा सरकार और डीएचबीवीएन के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि प्रभावित सोसाइटियों में तत्काल निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यह मामला केवल बिजली कटौती का नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के अधिकारों, सार्वजनिक धन से विकसित विद्युत अवसंरचना के दुरुपयोग और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है।