दस्तावेज की जांच होने से पश्चिम बंगाल और असम के लोगों में डर का माहौल
प्रवीण कुमार
गुरुग्राम। गृह मंत्रालय के आदेश पर जिले में अवैध रूप से रह रहे लोगों के दस्तावेज की जांच होने से पश्चिम बंगाल और असम के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। दस्तावेजों के पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही काफी परिवार गुरुग्राम छोड़कर जा चुके हैं। वहीं, कई परिवार अपने प्रदेश को वापस लौटने की तैयारी कर रहे हैं। संभावना है कि जुलाई माह पूरा होने के बाद उनका वेतन मिलते ही कई लोग अपने परिवार के साथ पश्चिम बंगाल लौट जाएंगे।
सिलोखरा गांव के पास बंगाली मार्केट में पिछले एक सप्ताह के दौरान करीब 100 लोग पश्चिम बंगाल और असम लौट चुके हैं, इनमें काफी परिवार भी शामिल हैं। मार्केट के एक दुकानदार ने बताया कि उसकी दुकान से काफी लोग राशन व किराने का सामान लेकर जाते हैं। पुलिस की ओर से दस्तावेज की जांच करने के बाद कई लोग अपने परिवार सहित गुरुग्राम छोड़कर चले गए। कई लोगों को दुकान से राशन खरीदने के रुपये देने थे। अब उनके यहां से चले जाने से राशन के रुपये भी नहीं मिल पाए।
परिवार वाले बना रहे वापस का दबाव
बंगाली मार्केट में रहने वालों ने बताया कि उनके परिवार वाले उनके पश्चिम बंगाल में वापस लौटने का दबाव बना रहे हैं। गुरुग्राम में रहने वाले पश्चिम बंगाल के लोगों के परिवार वाले समाचार पत्रों और टीवी चैनलों पर दिल्ली और गुरुग्राम में दस्तावेज की जांच के लिए लोगों को डिटेन व गिरफ्तारी करने संबंधी समाचार देखते-पढ़ते हैं तो बार-बार कॉल करके जानकारी लेते हैं।
10 बांग्लादेशियों को वापस भेजने की तैयारी
गुरुग्राम में अवैध रूप से लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस द्वारा लोगों को डिटेन करके उनके दस्तावेज की जांच की जा रही है। दस्तावेज की जांच के दौरान 10 बांग्लादेशी पकड़े गए। पुलिस को इनके पास भारत के वैध दस्तावेज नहीं मिले थे। जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने पिछले काफी समय से गुरुग्राम में रहने के बारे में पुलिस को बताया। हालांकि पुलिस ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि ये बांग्लादेशी नौकरी करते थे या फिर दिहाड़ी मजदूरी करते थे। फिलहाल पुलिस पकड़े गए बांग्लादेशियों के बारे में कोई जानकार नहीं दे रही। गुरुग्राम पुलिस बांग्लादेशियों को वापस भेजने की औपचारिकताएं पूरी कर रही हैं।
गुरुग्राम में दस्तावेज की जांच की जानकारी मिलने पर उनके परिवार वाले वापस पश्चिम बंगाल लौटने का दबाव बना रहे हैं। वे इस माह का वेतन मिलने के बाद वापस लौटने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस ने जांच के दौरान कुछ नहीं कहा है लेकिन परिवार में डर बना हुआ है।
- यासीन अली, पश्चिम बंगाल
पुलिस के दस्तावेज की जांच संबंधी कार्रवाई के बारे में पता चलने पर उनके परिवार वाले काफी घबराए हुए हैं। ऐसे में परिवार वालों ने वापस पश्चिम बंगाल लौटने और वहीं पर रोजगार करने का दबाव बनाया है। वे अपने सामान को घर पहुंचा रहे हैं और जल्द ही परिवार के पास वापस लौट जाएंगे।
- रियाज पूल अली
गुरुग्राम में कई साल से परिवार के साथ रह रहे हैं और उनके पास वैध दस्तावेज भी हैं। पुलिस की जांच होने से परिवार वालों में डर का माहौल बना हुआ है। वे गुरुग्राम में रहकर ही परिवार को भरण-पाेषण करेंगे।
- जलालुद्दीन अहमद, उत्तर दिनाजपुर।
हमारे पास सभी वैध दस्तावेज हैं। ऐसे में पुलिस दस्तावेज की जांच करती है तो उन्हें कोई डर नहीं है। वे पुलिस की जांच में अपना सहयोग करेंगे।्र
- जमालुद्दीन शेख, दक्षिण दिनाजपुर
किसी से दुर्व्यवहार नहीं किया जा रहा : पुलिस
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि दस्तावेज की जांच के दौरान पुलिस किसी व्यक्ति से दुर्व्यवहार नहीं कर रही। डिटेन किए गए जिन लोगों के दस्तावेज सही मिले हैं उनको सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया। गुरुग्राम में अवैध रूप से रह रहे जिन 10 बांग्लादेशियों की गिरफ्तार किया गया है, उनको जल्द बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा।