-फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नूंह की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक मामले में दोषी राहुल को तीन वर्ष कठोर कारावास व आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना के करीब सवा साल के दौरान दोषी को सजा सुनाया जाना एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
बता दें कि फिरोजपुर झिरका थाना अंतर्गत एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 22 फरवरी 2025 को वह और उसकी पत्नी सरसों काटने खेत में गए थे। घर पर उसकी करीब 15 साल की बेटी अकेली थी। गांव का ही आरोपी फोन लेने के बहाने घर में घुस गया और लड़की से छेड़छाड़ करने लगा। उसने पीड़िता को धमकाते हुए उसने उसके साथ गलत काम करने का प्रयास भी किया। लेकिन लड़की के विरोध करने पर दोषी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर वहां से भाग गया। उसके माता-पिता जब खेत से घर आए तो उसने सारी आपबीती उन्हें बताई।
इसके बाद फिरोजपुर झिरका थाना पुलिस को शिकायत दी गई, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अदालत में मामले की सुनवाई चली तो बुधवार को फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट सह बाल न्यायालय, नूंह में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजन की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पॉक्सो एक्ट 2012 की धारा 8 के तहत आरोपी को तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) के तहत तीन माह व धारा 333 व 351 के तहत दो-दो वर्ष के कठोर कारावास और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने आदेश में स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।