उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह का दावा-नई औद्योगिक नीति-2025 से 5 लाख करोड़ का होगा निवेश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रदेश सरकार की मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2025 के जरिये रोजगार के 10 लाख नए अवसर पैदा होंगे, वहीं प्रदेश में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा। यह दावा प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने बुधवार को होटल ग्रैंड हयात में उद्यमियों के साथ इस नई नीति पर चर्चा के दौरान किया।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने उद्यमियों से कहा कि मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी का लाभ उठाएं और बाजार के अनुकूल अच्छे व सस्ते प्रोडक्ट तैयार करें ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में हमारे उत्पाद पीछे न रहें। सरकार आपको सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। बैठक में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने जो सुझाव रखे हैं उनका अध्ययन करवाकर सभी आवश्यक सुझावों को नई नीति में शामिल किया जाएगा। उद्योगपतियों की सुविधा के लिए सभी औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं व अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
कॉस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस कम करने में सहायक होगी नई नीति
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि सरकार अब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कॉस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस कम करने और राइट टू बिजनेस जैसी अवधारणाओं को भी आगे बढ़ाएगी। इस नीति से हरियाणा आने वाले कई साल में सबसे आकर्षक निवेश स्थल बनेगा। सरकार ने व्यवसाय करने में आने वाली 23 प्रमुख बाधाओं की पहचान कर ली है और 31 दिसंबर तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम एवं शहरी नियोजन से जुड़ी रुकावटों को दूर करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही ब्लॉक ए और बी दोनों क्षेत्रों को समान अवसर दिए जाएंगे, ताकि निवेश पूरे राज्य में संतुलित रूप से बढ़ सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश की जीडीपी बीते 10 साल में 11 फीसदी की दर से बढ़ी है जो राष्ट्रीय औसत से 3-4% अधिक है।
दो माह में लॉन्च होगा एआई आधारित पोर्टल
सरकार एक एआई-आधारित पोर्टल अगले दो महीनों में लॉन्च करने जा रही है, जिससे उद्योगों के लिए लाभ और सेवाओं का सरल, पारदर्शी व प्रभावी उपयोग संभव होगा। नई नीति में ओपेक्स और कैपेक्स आधारित लचीले प्रोत्साहन, 15-16 क्षेत्रों के लिए सेक्टोरल नीतियां तथा अल्ट्रा मेगा और मेगा परियोजनाओं के लिए स्पष्ट पैकेज शामिल किए गए हैं। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक डॉ. यश गर्ग ने कहा कि नई इंडस्ट्री की स्थापना, नवाचार, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और वैल्यू चेन इंटीग्रेशन को नई पॉलिसी में बढ़ावा दिया जाएगा। इस दौरान चीफ कॉर्डिनेटर इंडस्ट्रीज सुनील शर्मा, चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर नितिन बंसल तथा औद्योगिक एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।