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Gurugram News: बिजली चोरी के मामले में निचली अदालत का आदेश रद्द

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कहा-बिजली चोरी से जुड़े मामलों में दीवानी अदालत को अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बिजली चोरी से जुड़े मामलों में दीवानी अदालत को अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं है। अदालत ने निचली अदालत के आदेश को रद्द करते हुए उपभोक्ता की ओर से दायर दीवानी वाद को खारिज कर दिया।
यह फैसला दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (डीएचबीवीएनएल) की ओर से दाखिल अपील पर आया है। इसमें निचली अदालत द्वारा 20 सितंबर 2024 को दिए गए फैसले को चुनौती दी गई थी। निचली अदालत ने उपभोक्ता विकास (निवासी सेक्टर-46, गुरुग्राम) के पक्ष में निर्णय देते हुए 15 दिसंबर 2016 को जारी नोटिसों को अवैध घोषित किया था।
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उपभोक्ता विकास ने दीवानी अदालत में वाद दायर करके आरोप लगाया था कि उसके खिलाफ बिजली चोरी का नोटिस बिना किसी जांच के जारी किया गया। डीएचबीवीएनएल ने अपने बचाव में कहा कि 18 नवंबर 2016 को निरीक्षण के दौरान मीटर की दो पेपर सील और एक प्लास्टिक सील के साथ छेड़छाड़ हुआ पाया था, जो बिजली चोरी का स्पष्ट प्रमाण है। बिजली निगम ने यह भी कहा है कि इस तरह के मामलों की सुनवाई दीवानी अदालत में नहीं हो सकती।
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अपील पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप चौहान ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के हालिया फैसले का हवाला दिया। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि बिजली चोरी के मामलों और लगाए गए जुर्माना से जुड़े वादों की सुनवाई पर इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 145 के अनुसार दीवानी अदालत का अधिकार नहीं है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने निचली अदालत का फैसला रद्द करते हुए कहा कि दीवानी अदालत इस तरह के मामलों की सुनवाई नहीं कर सकती।
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