गुरुग्राम। हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी की परियोजना निदेशक डॉ. वीणा सिंह ने शुक्रवार को सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोविड-19 संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोविड-19 महामारी को लेकर किए गए इंतजामों की समीक्षा की। साथ ही सघन जांच अभियान की तारीफ की।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम प्रदेश का पहला ऐसा जिला है जहां पर इतने व्यापक स्तर पर कोरोना संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान डॉ. वीणा सिंह को बताया गया कि गुरुग्राम में अब तक ढाई लाख से ज्यादा कोरोना संदिग्धों की जांच की जा चुकी है। इसमें से 70 फीसदी जांच शासकीय लैब में की गई हैं। वहीं, कोरोना संदिग्ध मरीजों की पहचान के लिए क्षेत्रवार जांच शिविर लगाए जा रहे हैं। जिले में अब तक इस प्रकार के 808 शिविर लगाए जा चुके हैं। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के कार्यों की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण को लेकर लोगों में जागरूकता पहले की अपेक्षा बढ़ी है और अब लोग कोविड प्रोटोकोल का गंभीरता से पालन कर रहे हैं। नतीजा यह है कि जिले में कोविड मृत्यु दर का आंकड़ा घटकर 0.87 प्रतिशत हो गया है। इतना ही नहीं होम आइसोलेशन को लेकर भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने पोस्ट कोविड ओपीडी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र यादव, अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष राठी, उप सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप, जिला निगरानी अधिकारी डॉ. जयप्रकाश, उप सिविल सर्जन डॉ. एमपी सिंह, उप सिविल सर्जन डॉ. अनुज गर्ग, उप सिविल सर्जन डॉ. विजय समेत अन्य लोग मौजूद रहे।