विश्व कैंसर दिवस...
बदलती जीवनशैली बढ़ा रही कैंसर, जागरूकता ही बचाव की पहली सीढी
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और तनाव के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आज विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर उन लोगों की कहानियां सामने आ रही हैं, जिन्होंने समय पर इलाज और मजबूत इच्छाशक्ति और हौसलों के दम पर कैंसर को मात दी और आज सामान्य जिंदगी जी रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू, शराब, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी कैंसर का खतरा बढ़ा रही है। ऐसे में सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं जागरूकता अभियान चलाकर मरीजों की मदद के लिए आगे आ रही हैं। समय पर जांच और सकारात्मक सोच से कैंसर को हराया जा सकता है।
संस्था कर रहीं मदद
राइट टू लाइफ फाउंडेशन हरियाणा उच्चतर माध्यमिक शिक्षा विभाग और केंद्रीय विद्यालय संगठन के साथ एमओयू के तहत कार्य कर रही है। इस पहल के अंतर्गत अब तक एक लाख से अधिक छात्रों और माताओं को कैंसर जागरूकता से जोड़ा है। एचपीवी वैक्सीनेशन ड्राइव के जरिए सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम पर जोर दिया जा रहा है।
भरोसे और हिम्मत ने बनाया मजबूत
मुझे ओरल कैंसर था, जिसका पता कुछ देरी से चला था। बीमारी के कठिन दौर में मेरे परिवार ने मेरा पूरा साथ दिया। उनके भरोसे और हिम्मत ने मुझे मजबूत बनाया। परिवार से मिली उम्मीद और सकारात्मक सोच के कारण ही मैं कैंसर को मात दे सका और आज सामान्य जीवन जी रहा हूं। -
आलोक कुमार
मुझे वर्ष 2016 में ब्रेस्ट कैंसर हुआ था, जिसकी पहचान गंभीर स्थिति में हुई। उस कठिन समय में मैंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार इलाज कराती रही। डॉक्टरों और परिवार के सहयोग से आज मैं कैंसर को मात देकर एक सामान्य और स्वस्थ जिंदगी जी पा रही हूं। -
सुमन
-
हमारी संस्था राइट टू लाइफ कैंसर पीड़ितों को जागरूक करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। जागरूकता अभियानों के साथ जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है ताकि वे समय पर इलाज करा सकें।-
डाॅ. रतनालाल तुलसी, प्रीवेंटिव आनकोलाॅजिस्ट
आज के समय में बदलती जीवनशैली के कारण पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर हो गया है। वैसे प्रोस्टेट कैंसर में मृत्यु दर कम होती हैं लेकिन फिर भी समय पर जांच कर थेरेपी के जरिये ठीक किया जा सकता है।
डाॅ. पुनीत अहलूवालिया, यूरो-ऑन्कोलॉजिस्ट