अवैध प्रेम प्रसंग के चलते 2020 में की थी पत्नी की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला अदालत ने 2020 में अवैध प्रेम प्रसंग के चलते पत्नी की गोली मारकर हत्या करने के अपराध में दोषी पति सुनील को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश तरुण सिंगल की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा के साथ 61 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना सेक्टर-10 ए में दोषी के पिता सेना से सेवानिवृत्त चंद्रभान सिंह ने नौ फरवरी 2020 में पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनका बेटा सुनील गांव धनवापुर की एक कंपनी में पीएसओ की नौकरी करता था। सुनील की पत्नी मुनेश का अवैध प्रेम प्रसंग कादरपुर के रहने वाले बंटी गुर्जर से चल रहा था। इसी को लेकर दोनों के बीच में आपसी विवाद के चलते सुनील ने अपनी लाइसेंस पिस्तौल से पत्नी मुनेश की गोली मारकर हत्या कर दी थी। दोषी के पिता चंद्रभान सिंह ने मुनेश की हत्या के लिए अपने बेटे सुनील और बंटी गुर्जर व अनु को भी आरोपी बताया था। पुलिस ने मामले में सुनील को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में ले लिया था।अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सबूतों व गवाहों के आधार पर सुनील को दोषी पाया।