पारस बूस्टिंग स्टेशन पर मोटर व बूस्टिंग स्टेशन-51 पर पाइप भी बदले जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) सेक्टर 44/52ए और वजीराबाद रेड लाइट जंक्शन पर मास्टर पेयजल लाइन की लीकेज की समस्या को दूर करने जा रहा है। इसके अलावा पारस बूस्टिंग स्टेशन पर मोटर व बूस्टिंग स्टेशन-51 पर भी पाइप बदलने संबंधी कार्य होंगे। इससे कई एरिया में पानी की सप्लाई में सुधार होगा।
जीएमडीए शहर में पेयजल सिस्टम में सुधार करने के लिए कदम उठा रहा है। कन्हई चौक से सेक्टर 56 मास्टर पेयजल लाइन में कुछ जगहों पर लीकेज की समस्या है। कन्हई चौक यानि सेक्टर 44/52 ए के पास मुख्य पानी की लाइन हाईटेंशन बिजली के टावर के नीचे है और लाइन काफी पुरानी होने से लीकेज रहती है। ऐसे में यहां पर पानी की लाइन को ठीक करना संभव नहीं है। ऐसे में कन्हई चौक से पानी की लाइन को बाईपास कर वजीराबाद की ओर किया जाएगा। चौक से तीन ओर पानी की लाइनें जाती हैं। ऐसे में जीएमडीए यहां से चौक से तीन लाइनें और वॉल्व लगवाएगा। इसी प्रकार वजीराबाद ट्रैफिक लाइट पर मास्टर लाइन में लीकेज की समस्या रहती है। जीएमडीए सेक्टर 44/52ए और वजीराबाद रेड लाइट जंक्शन पर 800 एमएम, 600 एमएम, 500 एमएम और 400 एमएम की पाइप लाइन बदलने जा रहा है। इसके अलावा पारस ऑनलाइन बूस्टर की मोटर बदली जाएगी। बूस्टिंग स्टेशन 51 पर तीन नंबर लाइन और एक नंबर की पाइप को भी बदला जाएगा। मास्टर लाइन बदल जाने पर गर्मियों में पूरे प्रेशर से पानी की सप्लाई की जा सकेगी। इससे कई एरिया में पानी की सप्लाई में सुधार आएगा।
जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि पानी के लीकेज से सप्लाई प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि लाइन काफी पुरानी हो चुकी है। ठेकेदार से काम शुरू कर दिया है। इस पर करीब 1.98 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मास्टर लाइनें काफी पहले डाली थी
शहर में पेयजल संबंधी कार्य जीएमडीए और नगर निगम के पास है। जीएमडीए बसई और चंदू बुढ़ेरा नहरी पानी शोधन संयंत्र का संचालन करता और मास्टर लाइनों की देखरेख करता है। बूस्टिंग स्टेशनों से कॉलोनियों में पानी की सप्लाई करने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। शहर में मास्टर लाइनें एचएसवीपी ने काफी पहले डाली थी और अब कई जगहों पर जर्जर हो रही हैं। ऐसे में जीएमडीए बदलने का काम करा रहा है। जीएमडीए बसई और चंदू बुढ़ेरा संयंत्र से 670 एमएलडी पानी शोधित करता है। लाइनों में लीकेज से पानी बर्बाद होता है।