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भोंडसी जेल से रची गई थी कि हत्याकांड की साजिश

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गुरुग्राम। फरीदाबाद के चर्चित विकास चौधरी हत्याकांड की पटकथा में जिला कारगार भोंडसी जेल में रची गई थी। दुबई में बैठे कुख्यात कौशल जेल में बंद अपने खास गुर्गे अमित डागर से रोजाना मोबाइल पर बात कर पूरी साजिश रची। इसमें अमित के अलावा नीरज की भूमिका रही। एसआईटी की ओर से प्रोडक्शन रिमांड पर लिए गए अमित डागर और नीरज के खुलासे के बाद टीम ने भोंडसी जेल में छापेमारी कर उनके बैरक से एक सैमसंग कंपनी का मोबाइल भी बरामद कर लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है जिसमें शुरुआती जांच में सामने आया कि अमित और नीरज की रोजाना कौशल से बात होती थी।
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विकास चौधरी हत्याकांड की पटकथा लिखने के लिए दुबई में बैठे कौशल ने सचिन खेड़ी के अलावा अपने खास गुर्गे अमित डागर से भी बातचीत की थी। अमित डागर के भोंडसी जेल में बंद होने के कारण वहां पर मोबाइल के जरिए उससे बातचीत कर साजिश रची गई। इसमें उसके बैरक में बंद बदमाश नीरज भी बंद था जिससे भी कौशल बात करता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक लगातार एक महीने तक बेहद गोपनीय तरीके से कौशल से बातचीत कर प्लानिंग की गई जिसमें सचिन खेड़ी को योजना समझाकर वारदात को अंजाम दिया गया।
कौशल की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी की ओर रिमांड पर लेने के बाद एसआईटी ने जेल में बंद शार्प शूटर अमित डागर को चार दिन की रिमांड पर लिया था, जिसमें यह राज खुला तो एसआईटी अधिकारी भी सन्न रह गए। इस पूरी योजना में बदमाश नीरज का नाम सामने आने के बाद हाल ही में नीरज को प्रोडक्शन रिमांड पर लेने के बाद बृहस्पतिवार को एसआईटी और जेल प्रबंधन की टीम की ओर से जेल में औचक छापेमारी की गई जिसमें बैरक नंबर पांच में आंगन के बीच मिट्टी के नीचे दबा हुआ सैमसंग के नीले रंग का मोबाइल फोन, बैटरी और सिमकार्ड बरामद हो गए। जेल प्रबंधन की ओर से नीरज के खिलाफ भोंडसी थाना पुलिस में मामला दर्ज करा दिया गया है जिसकी जांच पड़ताल शुरू हो गई है।
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फरीदाबाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक विकास चौधरी हत्याकांड मामले में इस मोबाइल को केस प्रॉपर्टी बनाया गया है। मोबाइल में कोई भी डाटा नहीं मिला है जिसे लैब में रिकवरी के लिए भेज दिया गया है साथ ही मोबाइल की सीडीआर भी निकाली जा रही है। इस पूरे मामले के खुलासे के बाद भोंडसी जेल की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इस मामले में मुख्यालय स्तर पर जेल अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।
तीन मोबाइल और मिले
टीम की छापेमारी के दौरान बैरक नंबर छह में बंद विचाराधीन कैदी राहुल उर्फ राठौड़ से सैमसंग कंपनी का गोल्डन रंग का मोबाइल बरामद हुआ। इसके अलावा बैरक नंबर दो में बंद मोहित से काले रंग का सैमसंग का मोबाइल जबकि सतपाल उर्फ लालू से गोल्डन रंग का सैमसंग मोबाइल बरामद हुआ। तीन मोबाइल और बैट्री के अलावा दो सिमकार्ड भी मिले। इस मामले में जेल प्रबंधन की शिकायत पर भोंडसी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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