मनोदैहिक सद्भाव विषय पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन का शुक्रवार को हुआ समापन
अमेरिका सहित कई अन्य देशों के शिक्षाविद और शोधकर्ता सम्मेलन में हुए शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। टेक्नोलॉजी का प्रयोग करना गलत नहीं है, उनकी आदत डालना गलत है। इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि टेक्नोलॉजी का ज्ञान बेहतर होता है, लेकिन इसकी लत बुरी होती है।
यह बात आरएसएस के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख, नरेंद्र ठाकुर ने गुरुग्राम विश्वविद्यालय एवं आईसीएसएसआर और यूएसआइईएफ के संयुक्त तत्वावधान में मनोदैहिक सद्भाव विषय पर आयोजित सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते हुए कही। इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुक्रवार को समापन हो गया। समापन समारोह का शुभारंभ नरेंद्र ठाकुर ने पंच परिवर्तन पर बनाई गई सेल्फी पॉइंट का उद्धघाटन कर किया। उन्होंने स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण, सामाजिक समरसता और कुटुम्ब प्रबोधन आदि पंच परिवर्तनों के बारे में बताते हुए युवाओं को इन सभी को जीवन में आत्मसात कर आगे बढ़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज के समय में टेक्नोलॉजी की अहमियत लगातार बढ़ती जा रही है। टेक्नोलॉजी दिन-प्रतिदिन उन्नत होती जा रही है। समाज में इसकी ज्यादा भागीदारी तो हो चुकी है, लेकिन इससे लोग अलग-थलग भी हो रहे हैं, जोकि मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है।
कार्यक्रम में समकालीन मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों और अभिनव अंतःविषय दृष्टिकोणों पर विचार-विमर्श करने के लिए 50 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख विशेषज्ञ, विद्वान और पेशेवर एक साथ आए। इस दौरान सम्मेलन के लिए 90 से अधिक रिसर्च पेपर प्राप्त हुए। सेमिनार में दो दिन के दौरान दो पैनल चर्चाएं और छह तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। हरियाणा के पूर्व सीआईडी प्रमुख अनिल कुमार राव ने अपने अनुभवों और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के साथ सम्मेलन के विषय पर चर्चा की एवं ऐसे भव्य कार्यक्रम के आयोजन के लिए साइकोलॉजी विभाग की प्रो. डॉ. गायत्री रैना को शुभकामनाएं दीं।