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Gurugram News: गोबर गैस से आत्मनिर्भर बनेगा किरा गांव

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किरा गांव में बनाया गया गोबर गैस प्लांट। - फोटो : 1
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-, हर घर तक पाइपलाइन के जरिए पहुंचेगी गोशाला से तैयार गैस
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-प्लांट बनकर तैयार, घरों में दिए जा चुके हैं कनेक्शन
-खपत दर्ज करने के लिए मीटर लगाने का काम भी पूरा
-एक सप्ताह के भीतर परियोजना शुरू होने की उम्मीद
दिनेश देशवाल

नूंह। देश में रसोई गैस को लेकर बढ़ती चिंता और अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच नूंह जिले का किरा गांव आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश करने जा रहा है। गांव में गायों के गोबर से गैस तैयार कर हर घर तक पाइपलाइन के जरिए सप्लाई करने की महत्वाकांक्षी योजना लगभग पूरी हो चुकी है। प्लांट बनकर तैयार है, घरों में कनेक्शन दिए जा चुके हैं और खपत दर्ज करने के लिए मीटर भी लगाए जा चुके हैं। उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर यह परियोजना शुरू होकर ग्राम पंचायत को सौंप दी जाएगी।

इन दिनों खाड़ी देशों में जारी युद्ध जैसे हालातों के कारण देश में एलपीजी गैस आपूर्ति और कीमतों को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। ऐसे समय में किरा गांव ने स्थानीय संसाधनों के जरिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। जिला परिषद द्वारा करीब 60 लाख रुपये की लागत से इस गोबर गैस प्लांट का निर्माण कराया गया है। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्लांट के साथ ही वीर भगत सिंह गोशाला स्थित है, जहां लगभग 700 गोवंश मौजूद हैं। इन्हीं पशुओं के गोबर का उपयोग कर बायोगैस तैयार की जाएगी। तैयार गैस को पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से गांव के प्रत्येक घर तक पहुंचाया जाएगा। इससे ग्रामीणों को एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और रसोई ईंधन की स्थानीय स्तर पर स्थायी व्यवस्था हो सकेगी।
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पंचायत करेगी प्लांट का रखरखाव :
ग्राम पंचायत को प्लांट सौंपे जाने के बाद पंचायत ही इसके संचालन, रखरखाव और बिलिंग की जिम्मेदारी संभालेगी। घरों में लगाए गए मीटरों के आधार पर गैस की खपत का बिल लिया जाएगा। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि इसका संचालन पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से किया गया, तो यह मॉडल न केवल गांव के लिए लाभकारी होगा, बल्कि जिले के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
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बोले स्थानीय लोग :
पहले ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस प्लांट आम बात हुआ करते थे, लेकिन एलपीजी और बिजली से चलने वाले उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण यह व्यवस्था धीरे-धीरे खत्म होती चली गई। उन्होंने कहा कि आज फिर से गांवों में पशुपालकों को छोटे और बड़े स्तर पर गोबर गैस प्लांट लगाने के लिए आगे आना चाहिए, ताकि देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

-किशन सिंह तंवर, सदस्य मार्केट कमेटी नूंह

यह सरकार की सराहनीय योजना है और इससे गैस के लिए गांव को अब बाहरी स्रोतों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं रहेगी। यदि पंचायत इसका सही संचालन करती है तो यह योजना लंबे समय तक ग्रामीणों को सीधा लाभ देगी।
-जीत सिंह पूर्व सरपंच, किरा



निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त हो चुका है और घरों में कनेक्शन भी दिए जा चुके हैं। जिला परिषद जल्द ही इसे पंचायत को सौंपेगी, जिसके बाद नियमित गैस सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
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- समय सिंह तंवर, सरपंच, ग्राम पंचायत किरा

इस योजना से किरा गांव गैस के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बन जाएगा। उम्मीद है कि यह परियोजना जिले में एक मॉडल के रूप में स्थापित होगी और अन्य गांव भी इस दिशा में आगे आएंगे।
- गोविंदराम, डीपीएम, जिला परिषद नूंह।
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