फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आलोक को इंसाफ दिलवाने के लिए शांति मार्च निकाला

विज्ञापन
सेक्टर-28 में अलोक गुप्ता के लिए इंसाफ की मांग करते लोग। - फोटो : Gurgaon
विज्ञापन
गुरुग्राम। साइबर हब में 23 अगस्त को सड़क दुर्घटना में हुई मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) आलोक गुप्ता की मौत के मामले में परिवार के सदस्यों व अन्य लोगों ने शनिवार को गुरुग्राम सहित देशभर के 11 शहरों में शांति मार्च निकाला। उन्होंने आलोक गुप्ता को इंसाफ दिलवाने की मांग के साथ बच्चों को गाड़ियां देने पर आपत्ति जताते हुए ऐसे अभिभावकों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार बच्चों को गाड़ियां देने से उन बच्चों का ही नहीं, सड़क पर चलने वाले आम लोगों का भी जीवन खतरे में पड़ जाता है।
विज्ञापन

आलोक गुप्ता के भाई अनुराग गुप्ता और पत्नी मिहिका सहित शहर के काफी नागरिकों ने गलेरिया मार्किट में एकत्रित होकर शांति मार्च निकाला व उसके बाद वहीं पर मानव शृंखला बनाकर रोष जताया।
अनुराग ने बताया कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, चंडीगढ़, इंदौर और नागपुर सहित 11 शहरों में इसी प्रकार से शांति मार्च निकाला गया। मार्च में इन शहरों में रहने वाले उनके रिश्तेदारों के अलावा काफी संख्या में आम लोग भी शामिल हुए। सभी स्थानों पर सरकार से एक ही मांग की गई है कि बच्चों को कार व अन्य गाड़ियां देने वाले अभिभावकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि बच्चों को गाड़ी देना उनके हित में ही नहीं बल्कि सड़क पर चलने वाले आम लोगों के भी हित में नहीं है। यह गलत है आज हमारे परिवार में यह हादसा हुआ है, कल किसी और के भी हो सकता है। इसके अलावा कई बार ऐसे तथ्य सामने आ चुके हैं कि गाड़ी चलाने वाले बच्चों की भी जान गई है। यदि अभिभावक सावधानी बरतें तो अपने बच्चों के साथ-साथ अन्य लोगों की जान भी बचा सकते है। कानून का पालन करना पुलिस व अन्य इससे जुड़ी एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
मिहिका व भाई अनुराग गुप्ता ने आलोक गुप्ता को न्याय दिलाने के लिए ऑनलाइन मुहिम छेड़ी हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर हैशटैग जस्टिस फॉर आलोक व हैशटैग जुवेनाइल ड्राइविंग की मुहिम छेड़कर लोगों को अपने साथ जोड़ा है। इस मुहिम के जरिये ही यह लोग आलोक को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरे हैं।
उन्होंने कहा कि नाबालिग दोस्त की जन्मदिन की पार्टी करके 20 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे गाड़ी लेकर निकला था। यह गाड़ी दोस्त के पिता ने उसे दी थी। नशे में धुत होकर वह ढाई घंटे तक शहर की सड़कों पर गाड़ी को दौड़ाते रहे। सुबह करीब साढ़े छह बजे उनकी गाड़ी साइबर हब में डिवाइडर पार कर सड़क के दूसरी तरफ आई और हार्ले डेविडसन बाइक पर जा रहे अलोक गुप्ता से टकरा गई थी। घटना में आलोक की मौत हो गई थी। आरोप है कि पुलिस कार्रवाई करने के नाम पर खानापूर्ति करने लगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें