अरावली क्षेत्र में प्रस्तावित विश्व की सबसे बड़ी जंगल सफारी को मूर्त रूप देने के लिए वन एवं वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने केंद्रीय मंत्रियों संग की उच्चस्तरीय बैठक
- केंद्रीय विद्युत तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल व पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने हरसंभव सहयोग का दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। वन एवं वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने शुक्रवार केंद्रीय विद्युत तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ मुलाकात कर अरावली क्षेत्र में प्रस्तावित विश्व की सबसे बड़ी जंगल सफारी परियोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की। चार चरणों में पूरी होने परियोजना को केंद्र से मदद मिलेगी।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार इस परियोजना को तेजी से मूर्त रूप देने हेतु हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली व एनसीआर जैसे अति-शहरीकृत क्षेत्रों में ऐसी परियोजनाएं न केवल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए संतुलित इकोसिस्टम की आधारशिला भी रखती हैं। मंत्री राव नरबीर सिंह ने नई दिल्ली में शुक्रवार को हुई मुलाकात के बाद बताया कि लगभग 10,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाने वाली जंगल सफारी की महत्वाकांक्षी परियोजना पूरे एनसीआर को हरित और टिकाऊ पर्यावरण की दिशा में नई पहचान दिलाएगी।
ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट के तहत मातृ वन अभियान का शुभारंभ 27 से
गुरुग्राम की अरावली पहाड़ियों को हरा-भरा बनाने और पारिस्थितिकी संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 27 जुलाई से मातृ वन अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव इस अभियान की शुरुआत करेंगे। मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि यह अभियान अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट के तहत संचालित किया जाएगा, जिसमें तीन लेयर वाला हरित वन क्षेत्र विकसित किया जाएगा। 27 जुलाई को शिव नादर स्कूल से घाटा चौक तक शहर की विभिन्न आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों के सहयोग से लगभग 20,000 पौधों रोपे जाएगे, जिससे यह क्षेत्र मातृ वन के रूप में विकसित होगा।