कहा-इश्तियाक किसी भी गलत या आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। अल फलाह यूनिवर्सिटी (फरीदाबाद) की मस्जिद में इमाम के तौर पर काम करने वाले हाफिज मोहम्मद इश्तियाक की गिरफ्तारी की खबर से उनके पैतृक गांव सिंगार (जिला नूंह) में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवारजन और ग्रामीण इस घटना से स्तब्ध हैं। इश्तियाक के परिजनों ने कहा है कि उन्हें अपने भाई पर पूरा भरोसा है और वह किसी भी गलत या आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता। परिवार ने निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग करते हुए कहा है कि उनके भाई को न्याय मिलना चाहिए।
सिंगार गांव के मूल निवासी हाफिज मोहम्मद इश्तियाक करीब 20 साल पहले 2005 में गांव छोड़कर फरीदाबाद चले गए थे, जहां वह अल फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस की मस्जिद में बतौर इमाम कार्यरत थे। परिवार के मुताबिक, इश्तियाक ने कॉलेज के पास ही जमीन लेकर कमरे बनाए हुए हैं जिन्हें किराए पर दिया हुआ है। परिवार ने बताया कि इश्तियाक कई कई महीनों में कभी-कभार अपनी बुजुर्ग मां से मिलने गांव आते थे और ज्यादातर समय यूनिवर्सिटी कैंपस में रहते थे।
परिवार के अनुसार, उन्हें मीडिया के जरिये यह जानकारी मिली कि इश्तियाक के मकान में किराये पर रहने वाला असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद पुलिस ने इश्तियाक को भी हिरासत में ले लिया। हालांकि, परिवार को अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि इश्तियाक को कहां रखा गया है और उन पर कौन-कौन से आरोप लगाए गए हैं। हाफिज इश्तियाक के बड़े भाई सपात व हाफिज सद्दाम ने कहा कि उनका भाई इश्तियाक बचपन से ही नम्र स्वभाव का है, उसने हमेशा धर्म के रास्ते पर चलने और लोगों को अच्छाई सिखाने का काम किया है। उसे आतंकवादी गतिविधियों से जोड़ना नाइंसाफी है। हम चाहते हैं कि सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच करे और सच्चाई सामने आए।
भाई की निर्दाेषता पर पूरा विश्वास
इसी तरह, छोटे भाई हाफिज मुबीन ने कहा कि हम पांच भाई हैं और अलग-अलग जगहों पर इमाम का काम करते हैं। साथ ही, खेती-बाड़ी की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। हमारे परिवार का किसी गलत गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। परिवार का कहना है कि उन्हें अपने भाई की निर्दाेषता पर पूरा विश्वास है, लेकिन लगातार मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों ने घर की बूढ़ी मां को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक किसी भी प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी ने औपचारिक रूप से सूचित नहीं किया कि इश्तियाक के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है। गांव सिंगार में भी लोगों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा है, लेकिन अधिकतर ग्रामीणों ने यही कहा कि इश्तियाक एक शांत और धार्मिक स्वभाव के व्यक्ति हैं। उन्हें किसी विवाद या संदिग्ध गतिविधि में कभी नहीं देखा गया।