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Gurugram News: अरमान और तारीफ के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने में जुटी जांच एजेंसियां

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अरमान के तीन दिन और तारीफ के छह दिन की रिमांड बाकी है
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संवाद न्यूज एजेंसी

तावडू। पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार अरमान और तारीफ की पुलिस रिमांड और जांच से क्षेत्र के लोग सहमे हुए हैं। जांच एजेंसियां जासूसी नेटवर्क के तार जोड़ रही हैं। अरमान के तीन दिन और तारीफ के छह दिन की रिमांड बाकी है। पुलिस मजबूत सबूतों के आधार पर चार्जशीट तैयार करने में जुटी है।

राजाका गांव के अरमान से पुलिस ने उसके पासपोर्ट, मोबाइल और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में पता चला कि अरमान ने व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए डिफेंस एक्सपो 2025 की तस्वीरें और सैन्य जानकारी पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी दानिश को भेजी थी। वहीं, कांगरका गांव के तारीफ को सात दिन की रिमांड पर लिया गया है, जिसमें छह दिन बाकी हैं। तारीफ ने दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों आसिफ बलोच और जाफर को संवेदनशील जानकारी भेजी थी, जिसके बदले उसे पैसे मिले। तारीफ का पासपोर्ट, उसकी पत्नी और बेटे का पासपोर्ट चार महीने से पाक उच्चायोग में जमा है, जिसे वीजा आवेदन के लिए बताया जा रहा है। पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां दोनों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं। तारीफ की अरावली पहाड़ी क्षेत्र, विशेष रूप से गुरुग्राम, सोहना और नूंह में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर है। वह झोलाछाप चिकित्सक के रूप में जाना जाता था, लेकिन उसका कोई क्लीनिक या दुकान नहीं थी। जांच टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि तारीफ ने अरावली क्षेत्र को क्यों चुना और वहां उसकी गतिविधियां क्या थीं। दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923 और देशद्रोह की धाराओं के तहत केस दर्ज है। पुलिस रिमांड के दौरान एकत्र किए गए सबूतों, जैसे चैट, फोटो, वीडियो और बैंक खातों की जानकारी, के आधार पर चार्जशीट तैयार की जाएगी। जांच एजेंसियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि कोर्ट में पेश होने वाली चार्जशीट में कोई कमी न रहे। तारीफ के बैंक खाते और सिम खरीद की गतिविधियों की भी जांच हो रही है।
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परिवार का दावा
तारीफ पिता हनीफ और भाई जावेद का कहना है कि उसे साजिश के तहत फंसाया गया है। उनका दावा है कि पुलिस ने दबाव में तारीफ से कबूलनामा रिकॉर्ड करवाया और उसे मीडिया में प्रसारित किया। परिवार ने कानूनी लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, अरमान के पिता जमील का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके पाकिस्तान में रिश्तेदार होने की बात भी सामने आई है। साइबर पुलिस और खुफिया विभाग दोनों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। यह हरियाणा में हाल के हफ्तों में जासूसी के आरोप में सातवीं गिरफ्तारी है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।जांच एजेंसियां ऑपरेशन सिंदूर के तहत इस जासूसी नेटवर्क के अन्य संदिग्धों और पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारियों के साथ संबंधों की जांच कर रही हैं। अरावली क्षेत्र में तारीफ की गतिविधियों और उसके ठिकानों की तलाशी भी ली जाएगी। मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील बना हुआ है। नूंह का यह जासूसी कांड राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पेश कर रहा है। इस मामले में अगले कुछ दिनों में रिमांड और जांच से नए खुलासे होने की उम्मीद है।
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