पहले चरण में चिन्हित चौक पर साइनेज, रोड मार्किंग, स्ट्रीट लाइट और पैदल यात्री सुविधाओं पर रहेगा जोर
नंबर गेम -आठ चौकों का होगा सुधार
30 जून तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिले में सड़क हादसों में कमी लाने के लिए चलाए जा रहे जीरो फैटेलिटी अभियान के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और अन्य विभाग आठ प्रमुख चौक पर यातायात के लिहाज से सुधार करा रहे रहे हैं। एनएचएआई की ओर से झाड़सा चौक, एटलस चौक, इफ्को चौक और सेक्टर-33 जंक्शन पर सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्य 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य है। इनमें साइन बोर्ड, रोड मार्किंग, स्पीड कम करने के उपाय, स्ट्रीट लाइट, सुरक्षित पैदल यात्री क्रॉसिंग, बस स्टॉप और बस-बे जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
जिला प्रशासन जीरो फैटेलिटी (शून्य मृत्यु) अभियान के तहत सड़क सुरक्षा की एक विशेष पहल कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़े को शून्य तक लाना है। हाल में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति (डीआरएससी) की बैठक में जीरो फैटेलिटी पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें शहर के आठ प्रमुख चौक में सुधार करने पर जोर दिया गया, जिससे हादसों में कमी लाई जा सके। बैठक में एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि सड़क सुरक्षा के लिए नियुक्त संस्था सेव लाइफ फाउंडेशन की सिफारिशों के आधार पर विभिन्न स्थानों पर सुधार कार्य किए जा रहे हैं। अधिकांश कार्य अंतिम चरण में हैं। अन्य विभाग भी जारी निर्देशों के तहत कदम उठाए रहे हैं।
झाड़सा चौक पर जारी हैं सुधार कार्य
एनएचएआई के अनुसार, झाड़सा चौक पर हाईवे एक्सेस पॉइंट पर कंक्रीट बैरियर लगाए जा चुके हैं। साइन बोर्ड, रोड मार्किंग और सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य कार्य 30 जून तक पूरे कर लिए जाएंगे। स्ट्रीट लाइट और फ्लाईओवर के नीचे प्रकाश व्यवस्था पहले ही दुरुस्त की जा चुकी है।
एटलस चौक पर रोड मार्किंग और साइनेज का काम अंतिम चरण में
एटलस चौक पर रोड मार्किंग, रोड स्टड, डेलिनेटर और अन्य सड़क सुरक्षा उपकरण लगाने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। गैन्ट्री साइन बोर्ड और अन्य साइनेज भी जून के अंत तक स्थापित कर दिए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, स्ट्रीट लाइटों का नियमित रखरखाव किया जा रहा है।
इफ्को चौक पर बनेगी सुरक्षित पैदल यात्री क्रॉसिंग
इफ्को चौक पर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग, बस स्टॉप और बस-बे लेन विकसित करने का कार्य जीएमडीए और नगर निगम गुरुग्राम की ओर से होगा। अवैध पार्किंग हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है। साइन बोर्ड और अन्य सुरक्षा सुविधाएं 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य है।
सेक्टर-33 जंक्शन पर फुटओवर ब्रिज पहुंच मार्ग होगा बेहतर
सेक्टर-33 जंक्शन पर टूटे क्रैश बैरियर की मरम्मत, पैदल यात्रियों के लिए गार्डरेल, रोड डिलिनेटर और साइनेज लगाने का कार्य किया जा रहा है। पैदल यात्री क्रॉसिंग, फुटओवर ब्रिज तक सुरक्षित पहुंच समेत अन्य कार्य किए जा रहे हैं। ड्रेनेज संबंधी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी जीएमडीए और नगर निगम को सौंपी गई है।
खोह और मानेसर में कार्य क्षेत्र सुरक्षा पर जोर
खोह, मानेसर क्षेत्र में असुरक्षित कार्य क्षेत्र, सड़क संकेतक और साइनबोर्ड की कमी, खराब स्ट्रीट लाइटिंग, डेलिनेटर का अभाव व सड़क किनारे निर्माण सामग्री के अतिक्रमण जैसी समस्याएं सामने आई हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने, रोड मार्किंग और साइनेज लगाने व अतिक्रमण के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने की सिफारिश की गईं है।
पचगांव चौक पर स्पीड कंट्रोल उपायों की जरूरत
पचगांव चौक पर मीडियन में खुले हिस्से, सड़क पर सार्वजनिक परिवहन वाहनों का असुरक्षित ठहराव, स्पीड कंट्रोल उपायों की कमी और खराब प्रकाश व्यवस्था को प्रमुख खतरे के रूप में चिन्हित किया गया है। रिपोर्ट में मीडियन फेंसिंग, गार्डरेल, रोड इंडिकेटर, रोड मार्किंग, साइनेज तथा हाईमास्ट लाइटिंग समेत अन्य कार्याें की सिफारिश की गई है।
शास्त्री नगर-सेक्टर 105 में हाईवे एक्सेस पर चिंता
शास्त्री नगर-सेक्टर 105 क्षेत्र में हाईवे तक अनियंत्रित पहुंच, पैदल यात्री रेलिंग की कमी और बस स्टॉप सुविधाओं के अभाव को सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना गया है। यहां पर हाईवे एक्सेस पॉइंट का चैनलाइजेशन, पैदल यात्री और साइनेज लगाने की सिफारिश की है।
गोपालपुर-सेक्टर 10 में लेन अनुशासन पर फोकस
गोपालपुर-सेक्टर 10 क्षेत्र में हाईवे तक गलत पहुंच, टूटे हुए पैदल यात्री पथ, सार्वजनिक परिवहन वाहनों का सड़क पर रुकना तथा रोड मार्किंग और साइनबोर्ड की कमी जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इसे पूरा कराया जा रहा है।
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जिले में जीरो फैटेलिटी अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा लगातार सड़क सुरक्षा संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। चिन्हित चौक और दुर्घटना संभावित स्थलों पर यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। जिला सड़क सुरक्षा समिति प्रत्येक माह इन कार्यों की समीक्षा करती है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके। -उत्तम सिंह, उपायुक्त