महिला कबड्डी टीम की जीत के बाद खिलाड़ियों ने कहा- देश की बेटियों की सफलता ने बढ़ाया हौसला, अब मैदान में खुद को साबित करने का लक्ष्य
शिवम राजपूत
गुरुग्राम। भारतीय महिला कबड्डी टीम के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर जिले की खिलाड़ियों की खुशी दोगुनी हो गई। ईरान के खिलाफ फाइनल में 37-34 की जीत के बाद जिले की खिलाड़ियों का कहना है कि देश की महिला खिलाड़ियों की यह सफलता मैदान में मेहनत कर रही बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि अब हमारी बारी है। जिले में भी कई युवा खिलाड़ी कबड्डी को कॅरिअर के रूप में अपनाने की तैयारी कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहर के खेल मैदानों तक लड़कियां अभ्यास कर रही हैं। खिलाड़ियों के सामने एक तरफ पढ़ाई पूरी करने की जिम्मेदारी है तो दूसरी तरफ खेल में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जगह बनाने की चुनौती है। ऐसे में भारतीय महिला टीम की अंतरराष्ट्रीय सफलता उन्हें यह भरोसा दे रही है कि लगातार मेहनत के दम पर खेल में आगे बढ़ा जा सकता है।
वर्जन
खेल शुरू करने के दौरान परिवार और आसपास के लोगों की कई तरह की चिंताएं रहती हैं। लड़कियों के देर तक अभ्यास करने, को लेकर सवाल उठते हैं। लेकिन परिवार का साथ मिलने पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हूं। -तानिया
कबड्डी में केवल मैच के समय अच्छा प्रदर्शन करने से सफलता नहीं मिलती। इसके लिए रोजाना फिटनेस, तकनीक, रफ्तार और टीम के साथ तालमेल पर काम करना पड़ता है। लक्ष्य बड़ा हो तो खिलाड़ी को खुद को लगातार तैयार रखना पड़ता है। -नेहा
छात्राओं के लिए पढ़ाई और खेल दोनों को संभालना आसान नहीं है। स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई, परीक्षा और असाइनमेंट के साथ रोजाना अभ्यास के लिए समय निकालना पड़ता है। इसके लिए समय का सही प्रबंधन करना जरूरी है। -किरण
प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों को लगातार प्रतियोगिताओं, अच्छे कोच, अभ्यास की सुविधा और खेल सामग्री की जरूरत होती है। जिला और राज्य स्तर पर ज्यादा प्रतियोगिताएं हों तो कई नई प्रतिभाएं सामने आ सकती हैं। -हांशी