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ढाई घंटे की पूछताछ के बाद निरीक्षक को तीन दिन का रिमांड

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गुरुग्राम। कॉल सेंटर संचालक से रिश्वत लेने के मामले में फरार चल रहे निरीक्षक विशाल ने सोमवार को न्यायाधीश सुमित्रा कादियान की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। सूचना मिलते ही राज्य सतर्कता ब्यूरो की टीम अदालत में पहुंच गई। अदालत के आदेश पर सतर्कता ब्यूरो की टीम ने करीब ढाई घंटे तक निरीक्षक विशाल से पूछताछ की। दोपहर बाद निरीक्षक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नेहा गोयल की अदालत में पेश कर पांच दिन का रिमांड मांगा गया। अदालत ने दोनों पक्षों की करीब एक घंटे की बहस सुनने के बाद तीन दिन का रिमांड मंजूर किया है।
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अधिवक्ता राहुल चौहान ने बताया कि निरीक्षक विशाल की अग्रिम जमानत याचिका न्यायाधीश सुमित्रा कादियान की अदालत में शुक्रवार को दाखिल की गई थी। इस पर सोमवार को राज्य सतर्कता ब्यूरो ने जवाब देना था, लेकिन सतर्कता ब्यूरो ने इस पर जवाब दाखिल नहीं किया। अदालत ने मंगलवार को सुनवाई की तारीख निश्चित की है। सतर्कता ब्यूरो की फरीदाबाद टीम अब मंगलवार को मामले में अपना जवाब दाखिल करेगी।
28 दिसंबर को राज्य सतर्कता ब्यूरो ने खेड़कीदौला थाने के हवलदार अमित को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया था कि यह रिश्वत वह थाना प्रभारी निरीक्षक विशाल के लिए ले रहा था। मामले में दिल्ली के उत्तम नगर निवासी नवीन भूटानी ने शिकायत देकर बताया था कि उनका कॉल सेंटर है। रुपयों को लेकर उसका अपने साझेदार से विवाद चल रहा था। विवाद को सुलझाने के लिए साझेदार ने उसे गुरुग्राम के सेक्टर-29 में बुलवाया था।
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यहां से पुलिसकर्मी खेड़कीदौला थाना क्षेत्र के एक फॉर्म हाउस ले गए थे। उसे बंधक बनाकर एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। 57 लाख रुपए में सौदा तय होने के बाद पत्नी के गहने गिरवी रखकर नवीन भूटानी ने यह राशि दी थी। आरोप है कि इस दौरान निरीक्षक ने उसका लैपटॉप, क्रेडिट व डेबिट कार्ड अपने पास रख लिए थे। यह देने की एवज में 10 लाख रुपये मांगे थे। पांच लाख रुपये में सौदा तय होने के बाद नवीन ने राज्य सतर्कता ब्यूरो को शिकायत दी थी जिसके बाद फरीदाबाद टीम ने छापा मारकर हवलदार को गिरफ्तार कर लिया था।
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