मकानों व औद्योगिक इकाइयों में नियमों के उल्लंघन पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने जताई नाराजगी, कहा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। केंद्रीय योजना एवं सांख्यिकी राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मकानों व औद्योगिक इकाइयों में जल संरक्षण के नियमों के घोर उल्लंघन पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जल संरक्षण के लिए बड़ी रिहायशी व औद्योगिक परियोजनाओं के लिए कानून बनाए हैं लेकिन उनकी पालना नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि बिल्डरों, बड़े रिहायशी प्लाॅटों के मकान मालिकों सहित औद्योगिक इकाइयों को ओसी सर्टिफिकेट प्राप्त करने से पूर्व जल संरक्षण के उपाय करने जरूरी होते हैं लेकिन वे केवल कागजों पर ही हो रहे हैं। कहा कि मकानों के ओसी सर्टिफिकेट के बाद भी जल संरक्षण के उपायों का वर्ष में दो बार निरीक्षण किया जाए। केंद्रीय मंत्री ने पिछले दिनों गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटिन डेवलपमेंट अथॉरिटी की बैठक में अधिकारियों से ओसी सर्टिफिकेट के संबंध में बनाए गए नियमों पर विस्तृत चर्चा करते हुए यह बात कही।
बैठक में अधिकारियों ने भी माना कि ओसी लेते समय बिल्डरों, हाउसिंग सोसाइटियों व औद्योगिक इकाइयों द्वारा जल संरक्षण के उपायों की पालना के लिए किए गए इंतजामों को दिखाया तो जाता है लेकिन ओसी सर्टिफिकेट जारी होने के बाद उन पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
केंद्रीय मंत्री ने हुडा सेक्टरों, बिल्डरों द्वारा जल संरक्षण के उपायों की अनदेखी पर उन्हें दंडित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कहा कि यह क्षेत्र भूमिगत जलस्तर की दृष्टि से डार्क जोन में जा रहा है। बैठक में मौजूद हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि हुडा सेक्टर में डेढ़ सौ गज से ऊपर के प्लॉटों पर मकान बनाते समय रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का होना अनिवार्य है। इसी प्रकार हाउसिंग सोसाइटी व बिल्डरों द्वारा बनाए गए रिहायशी प्रोजेक्ट्स में जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग उपाय करने के नियम बनाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि ओसी सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए दिखावटी तौर पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम दर्शाते हैं लेकिन वास्तविक रूप में कार्य नहीं कर रहे होते।
उन्होंने सुझाव दिया कि इनकी नियमित जांच जरूरी है। केंद्रीय मंत्री ने अपनी सहमति जताते हुए जीएमडीए, नगर निगम , हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष में दो बार हाउसिंग सोसायटियों, बिल्डर प्रोजेक्ट्स में हरियाणा सरकार द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जांच रिहायशी व औद्योगिक इकाइयों में की जानी चाहिए।
लगातार शिकायतें मिल रहीं
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशनों की ओर से उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बिल्डर प्रोजेक्ट्स व हाउसिंग सोसायटियों सहित औद्योगिक इकाइयों में एसटीपी न होने से उनका गंदा पानी अवैध रूप से टैंकों व अवैध पाइप लाइन के जरिए सार्वजनिक स्थलों पर छोड़ा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि ऐसे बिल्डरों व औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने गुरुग्राम शहर में जल संरक्षण के लिए कृत्रिम झीलों के निर्माण पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि उन्हें लगातार शिकायत मिल रही हैं कि बिल्डरों द्वारा अवैध रूप से प्राकृतिक बरसाती नालों पर कब्जा किया गया है। राव ने कहा कि गुरुग्राम शहर की भौगोलिक संरचना के अनुसार सेक्टर 56 घाटा व डीएलएफ का एरिया ऊंचाई पर है और जैसे जैसे पुराने शहर की ओर बढ़ा जाता है तो यह क्षेत्र ढलान के चलते नीचे की ओर जाता है जिससे बारिश में मानसून के दौरान पानी का बहाव पहाड़ से पुराने शहर की तरफ निचले स्तर पर होते हुए नजफगढ़ ड्रेन की ओर जाता है।