गुरुग्राम। प्रेमिका द्वारा दुष्कर्म का आरोप लगाने से आहत विचाराधीन बंदी ने भोंडसी जेल की बैरक में आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन मौके पर पहुंचा और शव कब्जे में लेकर भोंडसी थाना पुलिस के माध्यम से शवगृह भिजवाया। शुक्रवार को न्यायाधीश की मौजूदगी में शव का मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया। इस मामले में पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 176 के तहत कार्रवाई की है। जेल प्रशासन ने बताया कि 84 दिन पहले जेल में आने के बाद से ही वह तनाव में था। उसका जेल में स्थित अस्पताल से इलाज चल रहा था। करीब एक महीने पहले उसने अपने हाथ की नस भी काट दी थी।
मूलरूप से नूंह के गांव घासेड़ा निवासी मोहम्मद कैफ पर करीब तीन महीने पहले उसकी प्रेमिका ने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए नूंह थाने में केस दर्ज कराया था। 84 दिन पहले हुई गिरफ्तारी के बाद से वह भोंडसी जेल में बंद था। बृहस्पतिवार देर शाम को वह अपनी बैरक में था, इस दौरान उसने बैरक के पास बनी खिड़की की ग्रिल से गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। जब अन्य कैदियों ने उसे लटका देखा तो इसकी सूचना जेल प्रशासन को दी गई। पुलिस ने बताया कि शव कब्जे में लेकर न्यायाधीश को मौके पर बुलवाया गया। वीडियो व फोटोग्राफी करके मौके से शव को उतारकर शव गृह भिजवाया गया।
जेल प्रशासन ने बताया कि जेल में उसके गांव का ही एक अन्य व्यक्ति भी बंद है जिसका मामला अदालत में विचाराधीन है। अक्सर कैफ अक्सर उससे अपने मन की बात करता था, वह प्रेमिका द्वारा धोखा देने की बात बताता था। कैफ अपनी प्रेमिका के धोखा देकर उस पर दुष्कर्म का आरोप लगाने से आहत था। पिछले महीने इसी कारण तनाव में आकर उसने अपने हाथ की नस काट ली थी। तीन दिन तक जेल के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान चिकित्सकों ने उसकी काउंसलिंग भी की थी। कुछ दिन ठीक रहने के बाद उसने बृहस्पतिवार शाम को यह कदम उठाया। शुक्रवार शाम को न्यायाधीश की मौजूदगी में शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।