नूंह। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), नूंह की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं डीएलएसए अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अध्यक्षता में राजकीय मिडिल स्कूल बैंसी में मेगा कानूनी सेवा एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं, जनकल्याणकारी सेवाओं और शिक्षा का महत्व बताया। डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने कहा कि सरकार लोगों के लिए योजनाएं और सुविधाएं चला रही है। उन्होंने ग्रामीणों से शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉल पर पहुंचकर योजनाओं की जानकारी लेने और पात्रता के अनुसार लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गरीब, वंचित, वरिष्ठ नागरिक और अन्य जरूरतमंद लोग, जो निजी वकील की फीस देने में सक्षम नहीं हैं, डीएलएसए के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता एवं वकील की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने तथा बेटा-बेटी में किसी प्रकार का भेदभाव न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेटियों को भी उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। सरकार की शिक्षा संबंधी योजनाओं का लाभ लेकर बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर देने की बात भी कही।
शिविर के दौरान स्कूल की सुविधाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने बेंच की कमी दूर करने के लिए उपायुक्त से बातचीत करने तथा सीएसआर के माध्यम से सहयोग लेने का प्रयास करने की बात कही। स्कूल में आरओ और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के लिए भी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर डीएलएसए सचिव नेहा गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
फोटो: शिविर में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का अवलोकन करते जिला एवं सत्र न्यायधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जिला एवं सत्र न्यायधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग एवं पीछे बैठे स्कूली बच्चे।