अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश की अदालत ने रिश्वत लेने के मामले में सुनवाई करते हुए तत्कालीन आबकारी एवं काराधान विभाग के इंस्पेक्टर अनिल कौशिक और चालक संदीप मलिक को दोषी करार दिया है। अदालत ने इंस्पेक्टर को तीन वर्ष और चालक को चार वर्ष कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। 11 जनवरी 2019 को एसीबी को एक व्यक्ति ने शिकायत देकर आरोप लगाया था कि वह कमर्शियल बैंकिंग एंड शिपिंग पालम विहार सेक्टर-23 गुरुग्राम में बतौर सुपरवाइजर काम करता है। उसका हाउसहोल्ड सामान की रीपैकिंग का कार्य है। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उसकी गाड़ी माल लेकर जाती थी तो सेल्स टैक्स के कर्मचारी उसे परेशान करते थे।
आरोपी चालक संदीप मलिक और सेल्स टैक्स ऑफिस गुरुग्राम से आए एक अन्य व्यक्ति ने शिकायतकर्ता से कहा कि अगर वह बिना रूकावट अपना कार्य जारी रखना चाहता है तो उसे प्रतिमाह 25 हजार रुपये रिश्वत देनी होगी। यह भी बताया था कि इस राशि में से कुछ हिस्सा वे खुद रखेंगे और बाकी राशि आगे उच्च अधिकारियों को देंगे। शिकायत के आधार पर एसीबी गुरुग्राम ने कार्रवाई करते हुए संदीप मलिक को शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस संबंध में 11 जनवरी 2019 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो गुरुग्राम में धारा 7 पीसी एक्ट 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी अनिल कौशिक तत्कालीन निरीक्षक आबकारी एवं कराधान विभाग और आरोपी संदीप मलिक चालक के विरुद्ध दिसंबर 2020 में अदालत में चार्जशीट पेश की गई थी। मामले में अब दोनों आरोपियों को कारावास की सजा हुई है।