नसबंदी कराने में महिलाएं आगे, ‘मूंछों’ पर ताव देने फिसड्डी
- नागरिक अस्पताल में जनवरी से अब तक 511 महिलाएं और महज 15 पुरुषों ने कराई नसबंदी
मान्यता कुशवाहा
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी की महिलाएं अब घर संभालने के साथ ही अब परिवार को सीमित रखने की जिम्मेदारी निभाने में भी पुरुषों से ज्यादा समझदारी दिखा रही हैं। इसकी वजह पुरुषों का जागरूक होना कम और भयभीत होना ज्यादा बताया गया है। डाक्टरों के अनुसार, ज्यादातर पुरुषों को नसबंदी कराने से डर लगता है। ऐसे में वह अपनी पत्नियों को आगे कर देते हैं। यही वजह है कि ‘मूंछों’ पर ताव देने वालों से 95 फीसदी ज्यादा ‘घूंघट’ वाली महिलाएं नसबंदी कराने आगे आ रही हैं।
नागरिक अस्पताल के पांच महीनों के आंकड़ों पर गौर करें तो कुल 526 नसबंदी के सफल ऑपरेशन में 511 महिलाएं तो पुरुष महज 15 ही रहे हैं। साइबर सिटी की महिलाएं अब हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे निकल रही हैं। उसी तरह परिवार नियोजन का जिम्मा भी उन्होंने अपने कंधों पर लिया हुआ है। जिले में परिवार नियोजन की भागीदारी में पुरुष फिसड्डी रह गए हैं। यहां महिलाएं ही जिम्मेदारी निभा रही हैं। वहीं, पिछले पांच महीने की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। 95 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं ने नसबंदी के ऑपरेशन कराए हैं, जबकि पुरुष पांच प्रतिशत का आंकड़ा भी नहीं छू पाए हैं।
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नसबंदी के आंकड़े
माह महिलाएं पुरुष
जनवरी 109 5
फरवरी 125 2
मार्च 93 2
अप्रैल 59 2
मई 125 4
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गलतफहमी
-नसबंदी कराने से शारीरिक कमजोरी आती है।
-भूख कम लगती है।
-सिर्फ सर्दियों में करवानी चाहिए।
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हकीकत
-शारीरिक कमजोरी नहीं आती है
-भूख और वजन पर कोई फर्क नहीं पड़ता है
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नागरिक अस्पताल में अब तक 511 महिलाओं ने नसबंदी कराई है। महिलाएं पुरुषों से ज्यादा जागरूक है। नसबंदी से पुरुषों के स्वास्थ्य पर कोई भी दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग को विशेष फोकस रहता है कि पुरुषों को जागरूक करें। हमारा उद्देश्य पुरुषों में फैली भ्रांतियों को दूर करना है, ताकि महिलाओं की तरह पुरुष भी आगे आएं। - डॉ. नरेश गर्ग, पीएमओ, नागरिक अस्पताल