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Gurugram News: मेडिकल स्टोर से अवैध एमटीपी किट बरामद, हिरासत में संचालक बाप-बेटे

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तावडू में मेडिकल स्टोर पर छापेमारी। अवैध एमटीपी किट बरामद।
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संचालक बाप-बेटे हिरासत में
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। सोनीपत स्वास्थ्य विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने तावडू नगर के बावला चौक स्थित एक मेडिकल स्टोर पर सोमवार को छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान स्टोर से अवैध मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) किट बरामद की गई। किट बिना किसी वैध लाइसेंस के बेची जा रही थी। छापेमारी के बाद मेडिकल स्टोर के संचालक बाप-बेटे को मौके से हिरासत में ले लिया गया।
जानकारी के अनुसार, सोनीपत स्वास्थ्य विभाग को काफी समय से तावडू नगर में अवैध रूप से एमटीपी किट बेचने की गुप्त सूचनाओं मिल रही थीं। इसके बाद, सोनीपत पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. नितिन फलस्वाल के नेतृत्व में सूचना की पुष्टि के लिए पांच सदस्यों की एक विशेष टीम गठित की गई। सूचना की पुष्टि के लिए स्वास्थ्य विभाग और फर्जी ग्राहक के जरिए स्टिंग ऑपरेशन की योजना बनाई गई। ग्राहक को चिह्नित नोट देकर भेजा गया, जिसे मेडिकल स्टोर संचालक ने स्वीकार कर लिया। इस पूरे ऑपरेशन की वीडियोग्राफी भी की गई। जैसे ही सौदा तय हुआ, टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की और मेडिकल स्टोर से एमटीपी किट जब्त की। इसके बाद संचालक बाप-बेटे से पूछताछ की गई और तावडू पुलिस को बुलाकर दोनों को हिरासत में लिया गया। तावडू सीएचसी के प्रवर चिकित्सा अधिकारी के बयान के आधार पर पुलिस को इस मामले में शिकायत दी गई है। कार्रवाई के दौरान मेडिकल स्टोर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। बता दें कि इससे पहले भी तावडू में दो क्लीनिकों पर भ्रूण लिंग परीक्षण को लेकर छापेमारी की जा चुकी है, लेकिन स्थानीय स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठते रहे हैं।
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स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने अवैध रूप से बेची जा रही एमटीपी किट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह और लाइसेंस के ऐसी किट की बिक्री गंभीर अपराध है। महिलाओं की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। एमटीपी किट का अवैध कारोबार न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह महिला स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है। इन दवाओं का सेवन बिना चिकित्सकीय निगरानी के करना जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन को मिलकर कठोर कदम उठाने की जरूरत है।
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