पर्यटन विभाग की साढ़े 9 एकड़ भूमि में बने हैं अवैध आशियाने
शुक्रवार को नोडल अधिकारी और कब्जेधारियों के साथ हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। पर्यटन विभाग की भूमि पर बने अवैध मकानों पर 10 दिन के अंदर बुलडोजर चलेगा। पहले चरण में अभियान चलाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा। ऐसा होने से करीब 250 परिवारों के उजड़ने की संभावना है, जो वर्षों से पर्यटन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा जमाए बैठे हैं।
सोहना के टूरिस्ट काम्प्लेक्स पर शुक्रवार को पर्यटन विभाग के अधिकारियों व अवैध कब्जेधारियों के साथ बैठक की गई। इसमें डीटीपी व नोडल अधिकारी आरएस बाठ ने अवैध कब्जेधारियों का पक्ष सुना। बैठक में कब्जाधारियों की ओर से बोलते हुए पार्षद प्रतिनिधि टेकचंद, पूर्व पार्षद कासिम खान व पूर्व पार्षद अनिल ने कहा कि यह भूमि सरकारी है। जिसमें गरीब लोग वर्षों से निवास कर रहे हैं। उनके पास अन्य कोई आशियाना नहीं है। उन्होंने गुहार लगाते हुए कहा कि सरकारी रेट तय करके भूमि को अवैध कब्जेधारियों के नाम कर दें, जिससे गरीब लोग अपने परिवार के साथ निवास कर सकें। वहीं, नोडल अधिकारी ने कहा कि अवैध कब्जेधारी अपने आप कब्जे खाली कर दें। उन्होंने यह भी कहा कि काॅलोनी में अधिकांश लोग नशे व अन्य समाज विरोधी कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर बारबेट टूरिस्ट काम्प्लेक्स के प्रबंधक सुनील शर्मा, पूर्व पार्षद रमन जांगड़ा व लक्ष्मीचंद शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
250 अवैध आशियानों पर चलेगा पीला पंजा
प्रशासन 10 दिनों के भीतर वार्ड नम्बर 13 में स्थित पहाड़ काॅलोनी व पीर काॅलोनी में पीला पंजा चलाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त करेगा। यह भूमि पर्यटन विभाग की है। जिसका कुल रकबा करीब साढ़े 9 एकड़ है। इसमें लोगों ने कई वर्षों पूर्व अवैध निर्माण कर लिए थे। दोनों काॅलोनियों में करीब 250 परिवार निवास करते हैं। हैरत की बात है कि लोगों ने सरकारी भूमि होने के बावजूद पक्के मकानों का निर्माण किया हुआ है। वर्षों से निवास कर रहे अवैध कब्जेधारी अदालती जंग में भी हार चुके हैं। इसमें पर्यटन विभाग को जीत मिल चुकी है। इसके अलावा एसडीएम व उपायुक्त ने भी कब्जे खाली करने के फरमान जारी किए हुए हैं।
वर्जन
भूमि पर्यटन विभाग की है। जिस पर करीब 250 अवैध निर्माण बने हुए हैं। कब्जेधारी अदालत से मुकदमा भी हार चुके हैं। काॅलोनियों में समाज विरोधी कार्य संचालित होते हैं। 10 दिनों के अंदर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा। प्रथम चरण में नशाखोरों के खिलाफ मुहिम चलाई जाएगी और निर्माणों को तोड़ा जाएगा।
- आरएस बाठ, नोडल अधिकारी