गुरुग्राम। कोरोना संक्रमण कम होते ही जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग की तरफ से अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई फिर से शुरू हो गई है। इसी क्रम में डीटीपी आरएस बाठ ने बृहस्पतिवार को बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने गुरुग्राम भाजपा के पूर्व विधायक उमेश अग्रवाल के द्वारा कथित तौर पर सेक्टर-77 खेड़कीदौला टोल के पास अवैध कॉलोनी को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया। इस अभियान में 100 से अधिक मजदूर और पुलिसकर्मी लगे हुए थे। इनके अलावा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की टीम भी मौजूद रही।
कॉलोनी में तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही भाजपा के पूर्व विधायक उमेश अग्रवाल और उनके पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए।
कार्रवाई का विरोध करने लगे। इस दौरान पूर्व विधायक और डीटीपी के बीच बहस भी हुई। हालांकि, मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल के सामने किसी की एक न चली और कार्रवाई जारी रही। डीटीपी के मुताबिक, कॉलोनी का अवैध निर्माण होने के साथ-साथ सड़क पर भी कब्जा कर लिया था। तोड़फोड़ के बाद इस जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा दिया गया। इस कार्रवाई में पांच जेसीबी लगाई गईं थी।
अधिकारियों का कहना था कि हम नियमानुसार कार्रवाई कर रहे हैं। कॉलोनी अवैध है, इसका न तो ले आउट प्लान पास है और न ही डेवलपमेंट शुल्क जमा किया है। इस बारे में पहले ही थाना खेड़कीदौला में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। निर्माण रोकने के आदेश भी जारी किए थे। इतना सब कुछ होने के बावजूद निर्माण जारी रहा जो कि अवैध है।
विधायक ने लगाए यह आरोप
वहीं दूसरी ओर भाजपा के पूर्व विधायक उमेश अग्रवाल ने प्रतिनिधि के माध्यम से प्रेस नोट जारी कर डीटीपी की कार्रवाई पर सवाल खड़ा किया है। पूर्व विधायक के मुताबिक अदालत ने कार्रवाई न करने का आदेश दिया है, बावजूद इसके डीटीपी ने तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दिया। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के बारे में पूछने पर डीटीपी ने कहा कि मैं ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट हूं, मैं ही कोर्ट हूं, मैं ही सरकार हूं और मैं ही मंत्री हूं। पूर्व विधायक ने इस मामले में डीटीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।