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Gurugram News: अमेरिका के नागरिकों से ठगी करने वाले अवैध काॅल सेंटर का भंडाफोड़, 12 गिरफ्तार

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साइबर थाना पुलिस ने की कार्रवाई, नौ कंप्यूटर, दो लैपटॉप, सभी से एक एक मोबाइल व मॉडम बरामद
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अमेरिका के नागरिकों से ग्राहक सेवा (तकनीकी सहायता) देने के नाम पर ठगी करने वाले अवैध काॅल सेंटर के संचालक समेत 12 आरोपियों को साइबर थाना पुलिस ने डीएलएफ फेज तीन से गिरफ्तार किया है। आरोपियों से नौ डेस्कटॉप कंप्यूटर, 2 लैपटॉप, सभी से एक-एक मोबाइल व एक मॉडम बरामद हुआ है। आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट व धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि डीएलएफ फेज तीन में अवैध तरीके से एक कॉल सेंटर चल रहा है। एसीपी साइबर क्राइम विपिन अहलावत ने रविवार की रात साइबर क्राइम थाना पूर्व के प्रभारी जसवीर के नेतृत्व में एक टीम गठित की। पुलिस ने कार्रवाई में अवैध कॉल सेंटर पकड़ा गया। यहां आरोपियों को विदेशी नागरिकों से तकनीकी सहायता देने के नाम पर ठगी करते पाया गया। इस पर पुलिस ने कॉल सेंटर के मालिक सहित कुल 12 आरोपियों को काबू किया।
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आरोपियों की पहचान अनंत राज वर्मा (संचालक),नाथुपूर निवासी रजत मिश्रा व संकल्प (मैनेजर), नूंह निवासी मयंक, मध्य प्रदेश निवासी विशाल वर्तमान में पालम विहार (गुरुग्राम), मारुति कुंज निवासी रवि शंकर, मध्य प्रदेश निवासी शिवम हाल पता डीएलएफ फेज -3 (गुरुग्राम), नूंह निवासी पुष्पेंद्र चौहान, केरल निवासी विकास प्रकाश हाल पता महावीर कैंपस छतरपुर (दक्षिण दिल्ली), नाथुपूर निवासी विवेक सिंह व पुष्पेंद्र सिंह व लुधियाना पंजाब निवासी अजय सिंह हाल पता डीएलएफ फेज-3 गुरुग्राम के रूप में हुई।

ठगी के पैसे पर भी देता था कमीशन
आरोपियों से पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि आरोपी काल सेंटर संचालक अनंत राज वर्मा अपने कॉल सेंटर मैनेजर संकल्प व रजत मिश्रा के अलावा अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर चलाता था। उसने सभी को कस्टमर सर्विस के लिए सेलरी / कमीशन पर रखा हुआ है। आरोपी रजत और संकल्प को ठगी की राशि में से कमीशन के तौर पर 15 प्रतिशत व बाकी सभी आरोपियों को 10 प्रतिशत दिया जाता था।


एपल, माइक्रोसाफ्ट और अमेजन के ग्राहकों को लगाते थे चूना
पुलिस की पूछताछ में यह भी पता चला कि कि आरोपी अनंत राज वर्मा साल 2021 से अपने साथी आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर चला रहा है। आरोपी ने यूएसए के नागरिकों को एपल, माइक्रोसाफ्ट, अमेजन समेत अन्य कंपनियों की कस्टमर केयर सर्विस प्रदान करने के लिए वर्चुअल टीएफएन नंबर लिए हुए हैं। जिन नंबरों पर यह कॉल करवाता है और ई-बीम डायलर के माध्यम से आने वाली कॉल को ये सुनते थे। जिस ग्राहक को एपल,माइक्रोसाफ्ट, अमेजन से कोई असुविधा होती है तो इनके टीएफएन नंबर पर वर्चुअल कॉल करते हैं, कॉलर से उनकी शिकायत पूछते है। कॉलर जिस कम्पनी के बारे में कोई असुविधा बताता है तो ये खुद को उस कम्पनी का प्रतिनिधि बताकर पहले उन्हें अपने विश्वास में लेते और समस्या दूर करने के लिए ऐनी डेस्क, टीम व्यूवर और अल्ट्रा व्यूवर आदि एप्लिकेशन के माध्यम से उसके सिस्टम का रिमोट एक्सेस प्राप्त कर लेते।
500-1000 डॉलर ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड लेते
आरोपी उन्हें वास्तविक बात न बताकर उनसे अन्य समस्याओं के बारे में बात करते हैं और उन्हें उनकी निजी जानकारी का रिस्क, हैकर द्वारा अकाउंट हैक करना, डिवाइस असुरक्षित, फाइनेंसियल जानकारी लीक व चाइल्ड पोर्नोग्राफी इत्यादि के बारे में बताते थे। फिर उस समस्या को दूर करने के नाम पर कॉलर से 500-1000 डॉलर ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड जैसे गूगल प्ले, अमेजन आदि के माध्यम से ट्रांसफर करवा लेते थे। बाद में ब्लॉकर के माध्यम से कैश करवाकर हिस्सा प्राप्त कर लेता थे। आरोपियों द्वारा जालसाजी में प्रयोग किए जाने वाले नौ कंप्यूटर, एक मोबाइल फोन, दो लैपटॉप व एक मॉडम बरामद हुआ है।
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पहले भी पकड़े जा चुके हैं
शहर में फर्जी काॅल सेंटर का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी उद्योग विहार, सेक्टर 18 समेत अन्य जगहों से फर्जी कॉल सेंटर पकड़े जा चुके हैं। आरोपी अवैध कॉल सेंटर बड़ी कंपनियों व उद्योगों के बीच चलाते हैं ताकि किसी को शक न हो। दूसरा आरोपी डीएलएफ जैसे पॉश इलाकों में ऐसे सेंटर चलाते हैं।
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