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आईएलडी ग्रींस के निवेशकों ने हरेरा के खिलाफ किया प्रदर्शन

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आईएलडी ग्रींस के निवेशकों ने हरेरा के खिलाफ किया प्रदर्शन
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गुरुग्राम। सेक्टर-37सी में विकसित किए गए बिल्डर के प्रोजेक्ट आईएलडी ग्रींस के तैयार होने के बाद भी बिल्डर ने निवेशकों को कब्जा नहीं दिया है। निवेशकों ने इसकी शिकायत हरियाणा रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) को दी, लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे खफा होकर मंगलवार को दूसरी बार निवेशकों ने हरेरा के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। निवेशकों का आरोप है कि हरेरा की तरफ से बिल्डर को छूट दी जा रही है। उस पर कार्रवाई करने की बजाय निवेशकों को तारीख पर तारीख दी जा रही है। इस बाबत जब हरेरा चेयरमैन केके खंडेलवाल को फोन किया गया तो उनका फोन बंद मिला।
निवेशक मनमोहन शर्मा, निधि सहित अन्य ने बताया कि सेक्टर-37सी स्थित आईएलडी ग्रींस में करीब 1500 फ्लैट आईएलडी बिल्डर ने बनाए हैं। इसमें 32 लाख से 1.25 करोड़ रुपये के फ्लैट हैं। वर्ष 2008 में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट को बिल्डर ने 2011 तक पूरा करना था, लेकिन बिल्डर ने बिल्डर-बायर एग्रीमेंट में इसे वर्ष 2013 में पूरा कर फ्लैट पर कब्जा देने की बात कही थी। इसके साथ ही जब तक बिल्डर उनके फ्लैट पर कब्जा नहीं देता तब तक वह उनके फ्लैट पर निश्चित आय उन्हें देता रहेगा।
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निवेशकों का आरोप है कि बिल्डर ने फ्लैट की निश्चित राशि का 90 फीसदी तक उनसे वसूल लिया है। कुछ समय तक तो बिल्डर उनके फ्लैट पर उन्हें निश्चित आय देता रहा, लेकिन कुछ समय बाद उसने आय देनी बंद कर दी जिसके कारण फ्लैट पर बिल्डर द्वारा करवाए गए लोन की किश्त बंद हो गई। आरोप है कि जब विवाद हुआ तो बिल्डर ने लोन की कीमत स्वयं चुकाने का एग्रीमेंट निवेशकों से किया, लेकिन वह किश्त भी नहीं चुका रहा है। ऐसे में बैंक से निवेशकों को फोन कर लोन राशि चुकाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इस पर उन्होंने हरेरा में याचिका दायर कर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन अब हरेरा की तरफ से कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि इससे पहले वह 3 जुलाई को भी हरेरा कार्यालय आए थे, लेकिन चेयरमैन ने उनसे मुलाकात नहीं की। अब उन्हें चेयरमैन ने मिलने के लिए 20 अगस्त का समय दिया था, लेकिन कार्यालय पहुंच कर पता लगा कि वह कार्यालय में नहीं है। इससे उनमें रोष है।
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