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Gurugram News: इफ्को चौक से अतुल कटारिया चौक ड्रेन निर्माण अटका, मानसून में बढ़ेगी परेशानी

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ड्रेन निर्माण में देरी पर एजेंसी का ठेका रद्द होने पर जीएमडीए देख रहा अन्य विकल्प
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नंबर गेम - 2.8 किलोमीटर लंबे ड्रेन का निर्माण कार्य अधूरा

अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित इफ्को चौक से सेक्टर-17/18 डिवाइडिंग रोड होते हुए अतुल कटारिया चौक तक बनाई जा रही ड्रेनेज परियोजना का कार्य बीच में ही रुक गया है। ऐसे में आगामी मानसून में लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद कम हो गई है। जीएमडीए अब ओल्ड दिल्ली रोड पर अधूरे पड़े नाला निर्माण कार्य को पूरा कराने के प्रयास में जुटा है। इसके साथ ही शेष कार्य के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
शहर के कई इलाकों में जलभराव गंभीर समस्या बना हुआ है और हल्की बारिश में ही सड़कों पर पानी जमा हो जाता है। इससे यातायात प्रभावित होता है और लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इसी समस्या के समाधान के लिए जीएमडीए ने 14.80 करोड़ रुपये की लागत से अतुल कटारिया चौक, सेक्टर-17/18 डिवाइडिंग रोड से इफ्को चौक तक ड्रेनेज निर्माण का टेंडर जारी किया था। योजना के तहत इफ्को चौक से अतुल कटारिया चौक तक 2.0×1.60 मीटर आकार की करीब 2.8 किलोमीटर लंबी ड्रेन बनाई जानी थी।
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इसके लिए पिछले वर्ष एक एजेंसी को कार्य सौंपा गया था, लेकिन एजेंसी तय समय सीमा में कार्य पूरा नहीं कर सकी। निर्माण एजेंसी द टिब्बा धाना शेयर कॉपरेटिव लिमिटेड ने शुरुआत में ओल्ड दिल्ली रोड पर तेजी से कार्य शुरू किया, लेकिन बाद में निर्माण की गति धीमी पड़ गई। जीएमडीए ने कई बार नोटिस जारी किए, बावजूद इसके कार्य में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद एजेंसी पर करीब एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया और उसका ठेका रद्द कर दिया गया।

जीएमडीए ने एजेंसी द्वारा कराए गए कार्य का मूल्यांकन भी कराया गया है। अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी से लागत की वसूली की जाएगी और अधूरे कार्य को दूसरी एजेंसी के माध्यम से पूरा कराया जाएगा। इसके लिए जल्द नया टेंडर जारी होगा। दूसरी ओर वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क किनारे बैरिकेडिंग कराई गई है। सेक्टर 17 निवासी सुभाष सिंह ने बताया कि पुराना नाला होने से जल भराव में दिक्कत होती है। अब लोगों को इस साल भी जल भराव से जूझना होगा। सेक्टर 17 के पुरुषोत्तम माधवाचार्य का कहना है कि सेक्टर में जलभराव की गंभीर समस्या रहती है। प्रशासन को ड्रेनेज निर्माण पर गंभीरता से काम करना होगा।



35 साल पुरानी ड्रेन का होना है पुनर्निर्माण



सेक्टर-17/18 डिवाइडिंग रोड पर मौजूद बरसाती नाला करीब 35 साल पुराना है। ड्रेन का कुछ हिस्सा इफ्को चौक समेत कई स्थानों पर धंस चुका है। करीब 15 फीट गहरे इस नाले के ऊपर कई जगह अतिक्रमण भी है। इसके अलावा इफ्को सोसाइटी की लगभग एक किलोमीटर लंबी चहारदीवारी, जो लंबे समय से मौजूदा नाले के ऊपर बनी हुई है, उसे भी हटाया जाएगा। वहीं, डीएचबीवीएन की हाई-टेंशन बिजली लाइन को भी स्थानांतरित किया जाना है।
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35 साल पुरानी ड्रेन का पुनर्निर्माण कराया जाना है। एक एजेंसी को कार्य दिया गया था, लेकिन कई नोटिसों के बाद भी कार्य में सुधार नहीं हुआ। ऐसे में अब इस परियोजना के लिए नया टेंडर जारी किया जाएगा। -विक्रम सिंह, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए
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