गुरुग्राम। शहर में मनमाने तरीके से कहीं पर भी कूड़ा फेंकने वालों पर अब निगम प्रशासन कार्रवाई कर चालान करेगा। इसके लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे ऐसे लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। कूड़ा निस्तारण की समस्या को लेकर निगमायुक्त मुकेश कुमार आहुजा ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि अधिकारी सबसे पहले अवैध रूप से कचरा फेंकने वालों पर अंकुश लगाएं। इसके लिए विशेष टीमें निगरानी करें तथा अगर कोई व्यक्ति कचरा फेंकता है, तो उसका विभिन्न नियमों के तहत चालान समेत अन्य कार्रवाई करें।
34 में से 20 जगहों को किया बंद
34 जगहों (खत्तों) में से नगर निगम ने 20 को बंद कर दिया है, लेकिन कुछ लोग रात के समय इन जगहों पर कचरा फेंक देते हैं। इस पर निगमायुक्त ने कहा कि ऐसे स्थानों की सफाई करके स्थानीय लोगों के लिए प्लांटर सीट लगाएं, ताकि क्षेत्र साफ रहे।
बागवानी कचरे के लिए लगेंगे 4 कंपोस्टिंग प्लांट
बागवानी कचरे को एकत्रित करने व इसके निस्तारण के लिए 4 कंपोस्टिंग प्लांट लगाए जाएंगे। यह कार्य बागवानी शाखा द्वारा किया जाएगा। निगमायुक्त ने रोड स्वीपिंग मशीनों की निगरानी का जिम्मा वरिष्ठ सफाई निरीक्षक व सफाई अधिकारियों को सौंपा। घरों में ही कचरे को अलग-अलग करने के लिए नागरिकों को जागरूक करने के निर्देश दिए। सिंगल यूज प्लास्टिक व पॉलिथीन के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष टीमें बनाई जाएंगी। एक सैनिटेशन कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
बादशाहपुर में एमआरएफ शुरू होगी
निगमायुक्त ने ईकोग्रीन एनर्जी के प्रतिनिधियों से कहा कि डोर-टू-डोर कचरा एकत्र प्रणाली को और अधिक मजबूत करें। यह सुनिश्चित करें कि कोई भी घर न छूटे। कचरा अलगाव को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाएं व पूरे क्षेत्र को कवर करें। ईकोग्रीन एनर्जी के प्रतिनिधियों ने बताया कि अगले दो माह में बादशाहपुर में 150 टन की क्षमता की एक एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही अन्य स्थानों पर कंपोस्टिंग प्लांट व एमआरएफ के लिए जल्द जमीनें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
डॉ. विजयपाल यादव नोडल अधिकारी नियुक्त :
नगर निगम आयुक्त ने उप निगमायुक्त डॉ. विजयपाल यादव को चालान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वह चालान और वसूली की समीक्षा के साथ-साथ साप्ताहिक रिपोर्ट भेजेंगे।