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Gurugram News: आईटी कंपनियों में हाईब्रिड मोड की वापसी

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ईंधन संकट और प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद कंपनियां देख रहीं वर्क फ्रॉम होम का विकल्प
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नंबर गेम - 2500 कंपनियां में वर्क फ्रॉम होम (WFH) लागू होने का अनुमान
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पश्चिम एशिया युद्ध के कारण उपजे ईंधन संकट को देखते हुए गुरुग्राम के आईटी सेक्टर ने बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। प्रधानमंत्री के आह्वान और नासकॉम की अपील के बाद, अगले महीने से शहर की करीब 2500 आईटी कंपनियों में वर्क फ्रॉम होम लागू होने का अनुमान है।

वर्तमान में यहां लगभग 20 प्रतिशत काम हाइब्रिड या रिमोट मोड में चल रहा है। नासकॉम ने कंपनियों से ऊर्जा प्रबंधन और लचीले कार्य मॉडल अपनाने को कहा है। आईटी विशेषज्ञों के अनुसार, घर से काम शुरू करने के लिए कंपनियों को लैपटॉप, क्लाउड सॉफ्टवेयर और सुरक्षित वीपीएन जैसी व्यवस्थाएं करनी होंगी। इस पूरे सिस्टम को तैयार करने में 10 से 12 दिन का समय लगेगा, जिसके लिए 30 तारीख तक का लक्ष्य रखा गया है।
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सुरक्षा का रखा जाएगा ध्यान

कंपनियों ने साफ किया है कि डाटा सुरक्षा के मद्देनजर साइबर सिक्योरिटी से जुड़े संवेदनशील कार्यों को वर्क फ्रॉम होम मोड में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसे महत्वपूर्ण विभागों के कर्मचारियों को कार्यालय आकर ही काम करना होगा।
ईंधन बचत काफी मुश्किल काम
आईटी कंपनियों में काफी काम ऑनलाइन चल रहे हैं मगर कई ऐसे हैं, जहां इंटरनेशनल क्लाइंट के काम डाटा सेंसेटिव होने के कारण वर्कफ्रॉम संभव नहीं है। नगरो ने कोराेना काल से जरूरत के अनुसार वर्क फ्रॉम होम पर कार्य किया है। गुरुग्राम में सबसे ज्यादा परेशानी पब्लिक ट्रांसपोर्ट की है। यहां कंपनियों तक पहुंचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अभाव में ईंधन बचत काफी मुश्किल काम है। -मानस फुलेरियो, सीईओ, नगारो

हाईब्रिड वर्क, वर्क फ्रॉम होम, रिमोट वर्किग को तरीका यहां लोग अपना चुके हैं मगर इसके साथ ही गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बहुत जरूरी है। सभी कार्य ऐसे नहीं हो सकते जिसे वर्क फ्रॉम होम में कराया जाए। ईंधन संकट का हल केवल वर्क फ्रॉम होम की घोषणा नहीं हो सकती है। -प्रवीण कौशल, निदेशक मिराकल (डेटा एआई)

एक जून से लगभग आधी कंपनियां वर्क फ्राम होम मोड में भी आ जाएंगी। इससे सड़कों पर से हजारों वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। वर्क फ्राम होम मोड में काम अधिक होता है। कोरोना के समय काफी कंपनियां वर्क फ्रॉम होम मोड को अपना चुकी हैं। ऐसे में कैसे काम करना है, सभी को पता है। -प्रदीप यादव, प्रेसिडेंट, हाइटेक इंडिया
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हमारे यहां केवल 20 प्रतिशत ऑफिस वर्क वालों को ही वर्क फ्राॅम होम का काम दे सकते हैं। बाकी हमलोगों ने लोगों को कारपुलिंग करने के सुझाव दिए हैं, जो लोग दूर दराज से आते हैं, वे अलग-अलग की जगह एक गाड़ी में आए। मेट्रो का प्रयोग करें, गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन भी एक समस्या है। -चेतन अरोड़ा, सीईओ प्रेम मोटर्स
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