-पर्याप्त जागरूकता के अभाव और अफवाहों के चलते रफ्तार धीमी
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनता जा रहा है। अभियान को लेकर पर्याप्त जागरूकता न होने और ग्रामीण क्षेत्रों में फैली अफवाहों के कारण टीकाकरण की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। विभागीय आंकड़ों में भले ही लक्ष्य पूरे होने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है।
ग्रामीण इलाकों में कई लोग टीके को लेकर भ्रमित हैं। कहीं इसके दुष्प्रभावों को लेकर गलत जानकारियां फैल रही हैं, तो कहीं इसे अनावश्यक बताकर लोगों को टीका न लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ऐसे माहौल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से नहीं चलाया जाना स्थिति को और जटिल बना रहा है। बता दें कि विभाग की ओर से न तो गांवों में विशेष कैंप लगाए गए और न ही लोगों को टीके के फायदे समझाने के लिए पर्याप्त प्रयास किए गए। केवल कागजी खानापूर्ति कर अभियान को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर, टीकाकरण की जिम्मेदारी गांवों में नियुक्त आशा वर्करों पर डाल दी गई है। उन्हें घर-घर जाकर लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन संसाधनों और सहयोग के अभाव में आशा वर्कर भी केवल खानापूर्ति कर रही हैं। विभाग की ओर से आशा कार्यकर्ताओं पर लक्ष्य पूरा करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन ग्रामीण आंचल में टीकाकरण को लेकर कोई उत्सुकता नहीं दिखाई दे रही।
सूत्रों के अनुसार, कम टीकाकरण होने पर आशा वर्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं। इससे उनमें नाराजगी और चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि बिना उचित जागरूकता और सहयोग के केवल जिम्मेदारी थोपना उचित नहीं है। उधर, विभागीय अधिकारी कार्यालयों में बैठकर लक्ष्य हासिल करने के दावे कर रहे हैं। हालांकि जमीनी स्तर पर टीकाकरण की वास्तविक स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है।
बच्चेदानी के कैंसर से करता है सुरक्षा प्रदान :
गौरतलब है कि एचपीवी वैक्सीनेशन एक सुरक्षित और प्रभावी टीका है, जो मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) और अन्य प्रकार के कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है। यह 9-14 वर्ष की लड़कियों के लिए सबसे कारगर है, लेकिन 26 साल की उम्र तक दी जा सकती है। यह वैक्सीन आमतौर पर 2-3 खुराक में दी जाती है, जो संक्रमण को होने से पहले रोकती है।
’’ विभाग का ब्लॉक में तकरीबन 3100 किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य है। इसके लिए गावों में जागरूकता अभियान की चलाए जा रहे है। टीकाकरण के लिए धर्म गुरुओं का भी सहयोग लिया जा रहा है ताकि टीकाकरण के लक्ष्य का पूरा किया जा सके।’’
डॉ मानसिंह, प्रवर चिकित्सा अधिकारी पुन्हाना।