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अस्पतालों को 10 तक प्रशासन को देनी होगी बेड की जानकारी

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गुरुग्राम। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने शुक्रवार को सभी सरकारी व निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें अस्पतालों में उनकी तैयारियों के संबंध में सभी डाटा 10 जुलाई तक देना होगा। डाटा गलत पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करेगा।
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जिला उपायुक्त ने अस्पतालों को सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर का स्वरूप कैसा होगा, यह कहना मुश्किल है लेकिन हमें दूसरी लहर के दौरान आई समस्याओं से सीख लेते हुए भविष्य के लिए तैयारी करना चाहिए। अस्पतालों को जिला प्रशासन के द्वारा उनके अस्पताल संबंधी मांगी गई जानकारी का सही डाटा देना होगा। इसमें ऑक्सीजनयुक्त कोविड बेड, आईसीयू, वेंटिलेटर, पीडियाट्रिक्स संबंधी अन्य जानकारी उपलब्ध करवाना होगा।
पहले 30 जून तक निर्धारित था समय
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा कोविड अस्पतालों में बेडों की उपलब्धता सहित अन्य जानकारी देने के लिए 30 जून तक का समय दिया गया था जिनमें से कुछ अस्पतालों द्वारा दी गई जानकारी संदिग्ध है तथा कुछ अस्पतालों ने अभी तक जिला प्रशासन को डाटा उपलब्ध नहीं करवाया है। ऐसे अस्पतालों को जिला प्रशासन ने 10 जुलाई तक का समय दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल ऑक्सीजनयुक्त बेडों को ही कोविड बेडों की श्रेणी में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर के दौरान जिले में कोविड के 5500 से 6000 बेडों की जरूरत का अनुमान लगाया जा रहा है।
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दूसरी लहर में रही ऑक्सीजन की किल्लत
उपायुक्त ने कहा कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी ज्यादा महसूस की गई। ऐसे में जरूरी है कि अस्पताल अपने यहां पीएसए प्लांट, डी-टाइप सिलिंडर सहित अन्य इंतजाम समय रहते सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों को संक्रमण की संभावना अधिक जताई जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि अस्पताल प्रबंधन अपने यहां बच्चों के इलाज को लेकर स्टाफ को प्रशिक्षित करें। जिला उपायुक्त ने अस्पतालों के प्रतिनिधियों से कहा कि महामारी के संभावित खतरे को देखते हुए हमें एक टीम की तरह काम करना होगा।
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