गुरुग्राम। समलैंगिक लोगों की मोबाइल एप्लीकेशन ग्राइंडर के जरिए लोगों को झांसे में लेकर फंसाने वाले गिरोह का गुरुग्राम पुलिस ने खुलासा किया है। नवंबर माह में गुरुग्राम पुलिस की ओर से गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ में खुलासा हुआ है कि 150 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। इसमें कई नामी कंपनियों के सीईओ के अलावा डॉक्टर और अधिवक्ता भी शामिल हैं। इस खुलासे के बाद पुलिस पूरा डाटा जुटा रही है जिसके आधार पर गिरोह के ठगी के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध-1) इस संबंध में आई शिकायत के आधार पर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी पीड़ित बदनामी के डर से शिकायत नहीं कर रहा है। ऐसे में जांच में परेशानी आ रही है। यही कारण है कि नवंबर में हुए खुलासे के बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ रही।
मामला बीते वर्ष नवंबर माह का है। शहर की एक निजी कंपनी में कार्यरत अधिकारी ने बादशाहपुर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि समलैंगिक डेटिंग ऐप के जरिए एक युवक से उसका संपर्क हुआ था। कई दिनों तक चैटिंग के बाद उन्होंने सेक्टर-29 में मुलाकात की। जहां से आरोपी युवक उसे घूमने के बहाने साउदर्न पैरिफेरल रोड (एसपीआर) की ओर ले गया। वहां कार में आपत्तिजनक हालत में थे तभी कुछ युवक आए उन्होंने वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते हुए नकदी व अन्य कीमती सामान लूट लिया। इसके बाद आरोपी युवक ने आपत्तिजनक फोटो व वीडियो के आधार पर शिकायतकर्ता को ब्लैकमेल कर रुपये ऐंठने लगे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपी उससे 5 लाख रुपये ऐंठ चुके हैं। इस मामले में पुलिस ने टीम गठित कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जिनसे पूछताछ में खुलासा हुआ कि उन्होंने दिल्ली-एनसीआर के 150 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया। इसमें कई बड़े नाम भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजने के बाद कोर्ट में सभी के खिलाफ चालान जमा करा दिया।
फिल्मी स्टाइल में पुलिस ने पकड़ा गिरोह
शिकायत के आधार पर अपराध शाखा और थाना पुलिस की टीम ने फिल्मी स्टाइल में गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने नवंबर के पहले सप्ताह में एक सिपाही को ऐप का सक्रिय सदस्य बनाकर गिरोह के लोगों से संपर्क कराया गया। इसके बाद सेक्टर-29 में दोनों के बीच मुलाकात कराई गई। यहां से घूमने के बहाने पुलिसकर्मी उसे लेकर एसपीआर की ओर ले गया, जैसे ही गिरोह के सदस्यों ने गाड़ी के अंदर बैठे पुलिसकर्मी से दबाव बनाने की कोशिश की टीम ने छापा मारकर गिरोह के पांच आरोपियों को दबोच लिया। ये सभी आरोपी भोंडसी के रहने वाले थे।
इस तरह करते थे ठगी
गिरोह के सदस्य दिखने में काफी अच्छे थे। इन्हें प्रतिमाह 30 हजार तनख्वाह पर रखा गया था। ऐप के जरिए ये लोगों संपर्क कर पहले सेक्टर-29 में बुलाते। फिर यहां से घूमने के बहाने उसी की गाड़ी में एसपीआर की ओर सुनसान जगह पर ले जाते। युवकों को आरोपी अपने चंगुल में फंसाकर गाड़ी के अंदर ही आपत्तिजनक स्थिति में होने के बाद गिरोह के अन्य सदस्य पहुंचते और उनकी फोटो और वीडियो बनाकर लूटपाट कर भेज देते। इसके बाद पीड़ित से आपत्तिजनक वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते थे। पुलिस जांच के मुताबिक आरोपियों के मोबाइल व लैपटॉप में 300 से अधिक लोगों की जानकारी मिली है। हालांकि इन लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई।