मेट्रो डिपो और स्टेशन के लिए जमीन का किया जाना है अधिग्रहण
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने मेट्रो परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। बुधवार को प्रभावित लोगों की आपत्तियों पर सुनवाई की गई, जिसमें कई लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी आवासीय संपत्ति के बदले उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा।
इस्लामपुर निवासी विरेंद्र ठाकरान, भगवान सिंह, धर्मेंद्र, जितेंद्र और जोगेंद्र ने बताया कि मेट्रो डिपो निर्माण के लिए उनके पुस्तैनी प्लॉट और मकानों का अधिग्रहण किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्राधिकरण उनकी आवासीय भूमि का मुआवजा कृषि भूमि के रेट पर तय कर रहा है, जबकि आसपास के सेक्टरों में जमीन की कीमत कई गुना अधिक है। प्रभावित लोगों ने बताया कि उन्हें करीब 30 हजार रुपये प्रति वर्ग गज का रेट प्रस्तावित किया गया है, जो बाजार मूल्य से काफी कम है। उन्होंने मांग की कि सरकार मुआवजे के बदले उन्हें प्लॉट या मकान उपलब्ध कराए, क्योंकि कई परिवारों के सामने विस्थापन का संकट खड़ा हो जाएगा।
लोगों ने यह भी कहा कि यदि मार्बल मार्केट को वैकल्पिक जमीन दी जा सकती है, तो प्रभावित परिवारों को भी पुनर्वास की सुविधा मिलनी चाहिए। लोगों ने अपनी आपत्तियां भूमि अधिग्रहण अधिकारी के समक्ष दर्ज कराईं। इसके अलावा बसई और अन्य क्षेत्रों के निवासियों ने भी समिति के सामने अपनी शिकायतें और सुझाव रखे। संपदा अधिकारी एवं भूमि अधिग्रहण अधिकारी डॉ. अनुपमा मलिक, संपदा अधिकारी एक राकेश सैनी समेत अन्य ने सुनवाई की। एचएसवीपी के अनुसार प्रत्यक्ष क्रय विधि के तहत गांव कन्हई (तहसील गुरुग्राम), इस्लामपुर (उप-तहसील बादशाहपुर) और बसई (उप-तहसील कादीपुर) में स्थित कुल 10,883.37 वर्ग मीटर निजी भूमि खरीदी जाएगी।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) द्वारा मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक निर्माण कार्य जारी है। इस कॉरिडोर के विभिन्न स्थानों पर स्टेशन और डिपो निर्माण के लिए निजी भूमि की आवश्यकता है।
कहां कितनी जमीन की जरूरत
गांव कन्हई में 534 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता है। इस्लामपुर में कई लोगों की 1881, 376.26, 2759.22 और 3637.15 वर्ग मीटर जमीन ली जाएगी। वहीं बसई में 304, 735, 43.5, 28, 293.58, 139.16 और 152.50 वर्ग मीटर जमीन का अधिग्रहण प्रस्तावित है। कन्हई गांव में 534 वर्ग मीटर भूमि फोर्टिस अस्पताल की है, जहां मेट्रो स्टेशन बनाया जाना प्रस्तावित है। अधिग्रहण में अधिकांश भूमि आवासीय है। कुल 101 लोगों की आवासीय भूमि प्रभावित होगी, जबकि अन्य जमीन खाली भूखंड के रूप में है। गांव कन्हई, इस्लामपुर और बसई में कुल 10,883.37 वर्ग मीटर निजी भूमि खरीदी जानी है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी उपायुक्त की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय समिति बनी है।
25 प्रतिशत अधिक मुआवजा मिलेगा
राज्य सरकार ने मेट्रो कॉरिडोर के लिए निजी भूमि की आपसी सहमति से सीधी खरीद की नीति लागू की है। यह नीति 29.05 किलोमीटर लंबे मिलेनियम सिटी सेंटर–साइबर सिटी मेट्रो कॉरिडोर पर लागू होगी। जमीन मालिकों से बातचीत कर सहमति के आधार पर जमीन खरीदी जानी है। यदि कोई जमीन देने से इनकार करता है, तो भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के तहत अधिग्रहण किया जाएगा। जमीन बेचने वाले मालिकों को 2013 के अधिनियम के तहत मिलने वाले मुआवजे से 25 प्रतिशत अधिक राशि दी जाएगी।