गुरुग्राम। टीकाकरण के लिए लाभार्थियों की संख्या में आई कमी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को तय समय से पहले ही टीकाकरण कराने का विकल्प दिया है। इसके लिए शर्त यह है कि लाभार्थी का कोविन पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि निजी अस्पतालों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी तय समय से पहले व बाद में भी कोरोना का टीका लगवा सकते हैं। लेकिन उसके लिए लाभार्थी का पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण होना जरूरी है। मालूम हो कि 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद पहले दिन जिस तरीके से लाभार्थी आगे आए थे, वह उत्साह दूसरे दिन देखने को नहीं मिला था। दूसरे दिन पिछले सोमवार को करीब 60 फीसदी लोगों का ही टीकाकरण किया गया था।
45 केंद्रों पर होगा टीकाकरण
बृहस्पतिवार को जिले में 45 केंद्रों पर टीकाकरण किया जाएगा। प्रत्येक केंद्र पर 100-100 लोगों को टीका लगाया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमपी सिंह के मुताबिक जो लोग 18 जनवरी को रह गए थे, वह भी बृहस्पतिवार को टीकाकरण करा सकते हैं। वहीं, निजी अस्पतालों में लगातार टीकाकरण का कार्य चलेगा।
4 निजी अस्पतालों में लगेगी कोवैक्सीन
बृहस्पतिवार को जिले के पार्क, डब्ल्यू प्रतीक्षा, मेट्रो व क्लाउड नाइन अस्पतालों में कोवाक्सिन का डोज लगाया जाएगा जबकि अन्य सभी जगहों पर कोवीशील्ड का टीका लगाया जाएगा। हालांकि, 18 जनवरी को टीकाकरण के लिए लाभार्थियों की संख्या में आई कमी के लिए स्वास्थ्य विभाग कई अन्य वजहों को जिम्मेदार मान रहा है। विभाग के मुताबिक कई लाभार्थी बाहर थे तो कई की तबीयत ठीक नहीं थी। संभव है कि इसीलिए लाभार्थी कम संख्या में टीकाकरण के लिए केंद्रों पर पहुंचे।
वर्जन-
कोरोना की वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। यदि वैक्सीन लगवाने के बाद फीवर व सिर दर्द हो रहा है तो इसका मतलब यह है कि वैक्सीन का प्रभाव हो रहा है। सीएमओ सर और मेरे साथ ही जिले के तमाम डॉक्टरों ने वैक्सीन लगवाया है लेकिन किसी को कोई दिक्कत नहीं है। वैक्सीन को लेकर किसी भी भ्रम में रहने की जरूरत नहीं है। - डॉ. एमपी सिंह
कोविड महामारी की इस जंग में वैक्सीनेशन का पहला चरण शुरू हो चुका है। यदि वैक्सीन लगने के बाद व्यक्ति किसी तरह का शरीर में दर्द या हल्की फुल्की थकान जैसा महसूस करता है तो यह घबराने वाली बात नहीं हैं क्योंकि इसका अर्थ यह है कि वैक्सीन व्यक्ति के शरीर में इम्यून सिस्टम के साथ काम कर रही है। - डॉ. सतीश कौल, डायरेक्टर इंटरनल मेडीसिन, नारायणा अस्पताल