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Gurugram News: हेड मास्टर पर 28 लाख के गबन का आरोप

Mon, 13 Oct 2025 11:27 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
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नई गांव स्कूल के चार कमरे अधूरे, सरकारी स्कूलों में निर्माण कार्यों में गबन का खेल
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खंड शिक्षा अधिकारी से शिकायत के बाद कार्यवाही की सिफारिश, पेंशन पर लगी रोक

संवाद न्यूज एजेंसी

पुन्हाना। क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में निर्माण और मरम्मत कार्यों में गड़बड़ी थमने का नाम नहीं ले रही। ताजा मामला नई गांव के राजकीय मिडिल स्कूल का है, जहां चार कमरों के निर्माण के लिए शिक्षा विभाग से आई तकरीबन 28 लाख रुपये की राशि तत्कालीन हेड मास्टर द्वारा सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले ही निकाल ली गई। आश्चर्य की बात यह है कि जिन कमरों के निर्माण के लिए यह रकम खर्च दिखा दी गई, वे आज तक अधूरे पड़े हैं।
स्कूल के हेड मास्टर का चार्ज लेने वाले अध्यापक ने जब विभाग से शिकायत की तो विभाग ने जेई को मौके का मुआयना कर रिपोर्ट जल्द सौंपने के आदेश दिए, लेकिन 15 दिनों बाद भी जेई ने स्कूल का मौका मुआयना करने की जरूरत नहीं समझी। तत्कालीन हेड मास्टर ने निर्माण से संबंधित रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में ले लिए, जिसके लिए स्कूल प्रशासन की ओर से कई बार रिकॉर्ड सौंपने के लिए अध्यापक को लिखा गया। लोगों का आरोप है कि कमरों के निर्माण में लाखों रुपये का गबन किया गया है। निर्माण कार्य में मुश्किल से 8 से 10 लाख रुपये का ही खर्च हुआ होगा, जबकि कमरों के निर्माण के लिए तकरीबन 28 लाख की राशि निकाली गई है। यह काम तत्कालीन हेड मास्टर इकबाल की देखरेख में हुआ, जो 30 जून को सेवानिवृत्त हो गया।
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सेवानिवृत्ति के बाद स्कूल के नए हेड मास्टर जुबेर ने जब निर्माण कार्य की स्थिति देखी तो हैरान रह गए। उन्होंने तत्काल इस मामले की शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से की। शिकायत में कहा गया कि निर्माण कार्य अधूरा है, जबकि भुगतान पूरा हो चुका है। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने इस मामले को प्रधान महालेखाकार (एजी) चंडीगढ़ को भेज दिया और तत्कालीन हेड मास्टर की पेंशन पर आपत्ति दर्ज कराई है।

खंड शिक्षा अधिकारी विरेन्द्र गुप्ता ने एक अक्तूबर को कनिष्ठ अभियंता को मौके पर जाकर जांच रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी न तो मौका मुआयना किया गया और न ही रिपोर्ट जमा कराई गई। इससे साफ है कि विभागीय स्तर पर भी इस तरह के मामलों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग और प्रशासन की लापरवाही के कारण सरकारी स्कूलों में मरम्मत और निर्माण कार्य भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुके हैं। शिक्षक बच्चों को पढ़ाने के बजाय मरम्मत और निर्माण के ठेके संभालने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। वहीं विभागीय अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं, जिससे गबन करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

पटाकपुर स्कूल के गबन की जांच फाइल फांक रही धूल
सरकारी स्कूलों में गबन का यह मामला कोई पहला नहीं है। इससे पहले भी पटकपुर गांव के सरकारी स्कूल में 45 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आ चुका है। उस समय भी एक अध्यापक ने विभागीय अधिकारियों को शिकायत दी थी और जांच शुरू हुई थी, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। बताया जा रहा है कि उस गबन की फाइल आज भी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में धूल खा रही है।
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स्कूल के हेड मास्टर की ओर से शिकायत मिली थी। अध्यापक की पेंशन को रोकने के लिए प्रधान महालेखाकार हरियाणा को लिखा गया है। जेई को मौके का मुआयना कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए है। जांच रिपोर्ट आने के बाद अध्यापक पर कार्यवाही कराई जाएगी।

- वीरेन्द्र गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी पुन्हाना
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